कौन है शशि भूषण राय जिन्हे निलंबन के साढ़े छह महीने में ही देवरिया में मिल गई थानेदारी,

कौन है शशि भूषण राय जिन्हे निलंबन के साढ़े छह महीने में ही देवरिया में मिल गई थानेदारी,
मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर से निलंबित इंस्पेक्टर शशि भूषण राय को मिल गई देवरिया सदर कोतवाली की कमान।
✍️ देवरिया। मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में गंभीर किशोरी प्रकरण में पुलिस की लापरवाही को लेकर 27 जनवरी 2026 को निलंबित किए गए निरीक्षक शशि भूषण राय को निलंबन के करीब साढ़े छह महीने बाद देवरिया सदर कोतवाली की कमान सौंप दी गई। निलंबन की कार्रवाई से 18 अगस्त 2026 तक 203 दिन बीतने के बाद उन्हें जिले की महत्वपूर्ण कोतवाली की जिम्मेदारी मिली है।
♦शशि भूषण राय का पुलिस सेवाकाल करीब 25 वर्ष का है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार शशि भूषण राय, पिता- राम जी राय, निवासी बक्सर, बिहार दर्ज है। उनकी पुलिस सेवा में नियुक्ति 10 सितंबर 2001 को हुई थी। जो 9 नवम्बर 2021 को वाराणसी जोन से गोरखपुर जोन भेजे गए थे,
✍️इस 25 वर्षो कि लंबे सेवाकाल में वह कई महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जिसमें 2021-2022 – कैंट थाना प्रभारी, गोरखपुर, 2023- कैंट से रामगढ़ताल थाना प्रभारी, 21 जुलाई 2023 – रामगढ़ताल से शाहपुर थाना प्रभारी, दिसंबर 2023- शाहपुर से गुलरिहा थाना प्रभारी, 2024- गुलरिहा थाना प्रभारी, 2025- 2026 गोरखनाथ थाना प्रभारी, वही 27 जनवरी 2026- किशोरी प्रकरण में निलंबित हो गए थे, अब 7 अगस्त 2026- को देवरिया सदर कोतवाली के प्रभारी बनाएं गए है।
♦शशि भूषण राय के सेवा रिकॉर्ड में सबसे अहम बात जनवरी 2026 की विभागीय कार्रवाई है। गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी से जुड़े गंभीर मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार किशोरी के लापता होने के बाद पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण में देरी को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आए।
🔷मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के अनुसार गोरखनाथ थाना प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण राय समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। मामले में विभागीय जांच शुरू किए जाने की बात भी सामने आई थी।
♦वही जुलाई 2025 में, जब शशि भूषण राय गोरखनाथ थाना प्रभारी थे, एक ही छिनैती प्रकरण में करीब 10 दिन के भीतर दो FIR दर्ज होने का मामला सामने आया था। मामला सामने आने के बाद CO गोरखनाथ ने बाद में दर्ज दूसरी FIR को स्पंज करने और पहली FIR की विवेचना जारी रखने का निर्देश दिया था।
♦ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि 27 जनवरी 2026 को निलंबन के बाद विभागीय जांच का क्या परिणाम आया? क्या जांच पूरी हुई? क्या उन्हें क्लीन चिट मिली? उनकी बहाली कब हुई और किस आदेश के तहत हुई? और बहाली के बाद महज साढ़े छह महीने के भीतर उन्हें देवरिया जैसे महत्वपूर्ण जिले की सदर कोतवाली की जिम्मेदारी किस आधार पर दी गई?
🔷एक तरफ शशि भूषण राय के पास करीब 25 वर्ष का लंबा पुलिस सेवाकाल और कई महत्वपूर्ण थानों में काम करने का अनुभव है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में जनवरी 2026 में हुई निलंबन की कार्रवाई उनके सेवा रिकॉर्ड पर बड़ा प्रश्न चिंन्ह खड़ा कर दिया है।
✍️अब देखना होगा कि सदर कोतवाली थाना क्षेत्र में चोरी, हत्या, गाजा तस्करी, मारपीट समेत कई महत्वपूर्ण मामलो में कितना और क़िस हद तक कंट्रोल व कार्यवाई करते है।



