गाजीपुर : कैंडल मार्च-धरना पर रोक, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज

गाजीपुर
कैंडल मार्च-धरना पर रोक, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज
डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा गाजीपुर में हालात सामान्य
गाज़ीपुर। कानून व्यवस्था को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों के बीच पुलिस प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। थाना करंडा क्षेत्र की घटना के संदर्भ में पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की अशांति या तनाव की स्थिति नहीं है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारतीय न्याय संहिता (बी•एन•एस•) की धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत जिले में किसी भी प्रकार के कैंडल मार्च, धरना-प्रदर्शन या सार्वजनिक जुटान की अनुमति नहीं दी गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि अब तक जिले में इस तरह का कोई आयोजन नहीं हुआ है।
हालांकि, कुछ संगठनों और व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने की कोशिश की गई। पुलिस ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। अब तक कुल 16 लोगों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें कुछ मामले निजी व्यक्तियों के सोशल मीडिया हैंडल से जुड़े हैं, जबकि कुछ राजनीतिक दलों से संबंधित खातों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जनता से अपील की है कि केवल सत्यापित और प्रमाणिक खबरों पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाह को आगे न बढ़ाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति आपराधिक मंशा से, जिले की शांति व्यवस्था बिगाड़ने के उद्देश्य से या जातीय तनाव फैलाने के इरादे से कोई भी गतिविधि करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी दोहराया कि अब तक जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनके मामलों में विधिक प्रक्रिया के तहत कड़ी कार्यवाही जारी है और भविष्य में भी इस तरह के कृत्यों पर सख्ती बरती जाएगी। गाजीपुर पुलिस का कहना है कि जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।



