एलएलबी छात्रों को राहत, 40 प्रतिशत एग्रीगेट अंक पर होंगे उत्तीर्ण; अब एनईपी के प्रावधान प्रभावी होंगे

एलएलबी छात्रों को राहत, 40 प्रतिशत एग्रीगेट अंक पर होंगे उत्तीर्ण; अब एनईपी के प्रावधान प्रभावी होंगे
University of Lucknow ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एलएलबी छात्रों को बड़ी राहत देते हुए नए उत्तीर्ण नियम लागू किए हैं। अब थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन के अंक मिलाकर 40 प्रतिशत प्राप्त करने पर छात्र पास होंगे। साथ ही मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव कर आंतरिक मूल्यांकन का महत्व बढ़ाया गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने विधि शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करते हुए एलएलबी तीन वर्षीय और पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के छात्रों को बड़ी राहत दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक घोषणा की है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही एनईपी के प्रावधान प्रभावी होंगे। इसके तहत एलएलबी प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थी भी नई व्यवस्था का लाभ प्राप्त करेंगे।
विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक सत्र को नियमित रखने के उद्देश्य से एलएलबी तीन वर्षीय और पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को विषम (ऑड) सेमेस्टर से सम (ईवन) सेमेस्टर में प्रोन्नत करने का निर्णय लिया है। एनईपी के तहत सबसे बड़ा बदलाव उत्तीर्ण होने के नियमों में किया गया है।
अब किसी विषय में पास होने के लिए थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग उत्तीर्ण होना आवश्यक नहीं होगा। छात्र को दोनों के अंकों को मिलाकर न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। हालांकि पूरे सेमेस्टर के सभी विषयों में कुल प्राप्तांक 45 प्रतिशत या उससे अधिक होना अनिवार्य रहेगा।
कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि विधि शिक्षा को आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था विद्यार्थियों का शैक्षणिक दबाव कम करने के साथ उनके भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाएगी।
मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव
मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। पहले लिखित परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन का अनुपात 90:10 था, जिसे अब 75:25 कर दिया गया है। आंतरिक मूल्यांकन में असाइनमेंट, प्रोजेक्ट और उपस्थिति को शामिल किया जाएगा।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे विद्यार्थियों के समग्र मूल्यांकन को बढ़ावा मिलेगा। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार, प्रथम सेमेस्टर की संशोधित मार्कशीट नए नियमों के आधार पर शीघ्र जारी की जाएगी। इसके बाद छात्र आगामी सम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे।



