
श्रीमद्भागवत कथा की तैयारियों को लेकर मंथन, समिति गठित कर सौंपी गई जिम्मेदारियां
15 दिसंबर से गांधी पार्क में प्रस्तावित कथा को भव्य बनाने के लिए एकजुट हुए आयोजन से जुड़े सदस्य, ट्रस्ट अध्यक्ष आराधना सिंह ने सामूहिक सहभागिता पर दिया जोर
गाजीपुर।धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के उद्देश्य से आगामी 15 दिसंबर 2026 से गाजीपुर के गांधी पार्क में प्रस्तावित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। कथा के सफल, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय आयोजन को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिए समिति का गठन कर सदस्यों को उनकी रुचि, अनुभव और सामर्थ्य के अनुरूप जिम्मेदारियां सौंपी गईं।बैठक में बिट्टन दीदी, अजीत भैया, सत्यम जी, रवि प्रताप सिंह, राजू मौर्य, डॉ. सानंद सिंह, अजय मिश्रा, वाराणसी से छोटू जी, आमघाट के डब्बू भैया तथा बलिया जिले से सर्वजीत सिंह सहित आयोजन से जुड़े कई सदस्यों ने सहभागिता की। सभी ने अपने-अपने स्तर से सहयोग करने और आपसी समन्वय के साथ आयोजन को सफल बनाने पर विचार रखे।
पूरे जनपद की आस्था से जुड़ा है श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन
इस अवसर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष आराधना सिंह ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा किसी एक व्यक्ति विशेष का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे गाजीपुर जनपद के मान-सम्मान, धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता से जुड़ा आयोजन है। जिस प्रकार किसी परिवार में बेटी का विवाह पूरे गांव और समाज की प्रतिष्ठा से जुड़ जाता है, उसी प्रकार इस धार्मिक आयोजन की सफलता भी सभी के सहयोग, समर्पण और एकजुटता पर निर्भर करती है।उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, सदाचार और जीवन मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का पावन माध्यम है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। इसलिए प्रत्येक सदस्य को इसे अपना आयोजन समझते हुए पूरी निष्ठा से योगदान देना चाहिए।*‘मैं’ और ‘तुम’ नहीं, ‘हम’ की भावना से सफल होगा आयोजन*अध्यक्ष आराधना सिंह ने सभी सदस्यों से समूह में सक्रिय रहने, अपने सुझाव साझा करने और अधिक से अधिक लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी निभाए और आयोजन की तैयारियों में सहयोग करे। आपसी समन्वय, अनुशासन और सेवा भाव से ही कथा को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा सकता है।बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के लिए सभी सदस्य मिलकर कार्य करें, ताकि श्रद्धालुओं को कथा के दौरान बेहतर व्यवस्था और भक्तिमय वातावरण मिल सके।आयोजन से जुड़े सदस्यों ने सामूहिक प्रयासों के माध्यम से श्रीमद्भागवत कथा को भव्य एवं व्यवस्थित रूप देने का संकल्प व्यक्त किया। आयोजकों की मंशा है कि यह धार्मिक अनुष्ठान पूरे गाजीपुर जनपद की सहभागिता का प्रतीक बने और इसकी सफलता जनपद के लिए गौरव का विषय हो।राधे-राधे के जयघोष और सेवा भाव के साथ आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लेते हुए बैठक का संदेश स्पष्ट रहा—यह कथा किसी एक की नहीं, बल्कि पूरे गाजीपुर की आस्था का आयोजन ह



