यूपी चुनाव 2027: ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारे पर चुनाव लड़ेगी BJP, BL संतोष-तावड़े की मैराथन बैठक में बना प्लान
यूपी चुनाव 2027: ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारे पर चुनाव लड़ेगी BJP, BL संतोष-तावड़े की मैराथन बैठक में बना प्लान
लखनऊ। यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भाजपा ने अपना नैरेटिव तय कर लिया है। पार्टी ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारे के साथ मैदान में उतरेगी। शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में चुनावी तैयारियों को लेकर करीब 4 घंटे तक मैराथन बैठक चली।
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीश ईश्वर भाई पटेल ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और सभी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ मंथन किया। बैठक में चार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही और रमापति त्रिपाठी के साथ ही तीन पूर्व उपाध्यक्ष संतोष सिंह, त्र्यंबक त्रिपाठी और धर्मेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में निकलीं 5 बड़ी बातें –
1. विकास और कानून-व्यवस्था पर फोकस: बीएल संतोष ने कहा कि चुनाव में अब कम समय बचा है, इसलिए सरकार क्या कर सकती है, इस पर फोकस होना चाहिए। पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि विपक्ष के नैरेटिव में उलझने के बजाय पार्टी को विकास, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं, महिला सुरक्षा, औद्योगिक विकास, सड़क-बिजली और रोजगार के मुद्दे पर जाना चाहिए।
2. सपा सरकार की कमियों का प्रचार: विपक्ष जिस तरह सरकार के खिलाफ नकारात्मक नैरेटिव बना रहा है, उसका तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा। जनता को प्रमाणिक तरीके से सपा सरकार की कमियां बताई जाएंगी।
3. PDA के जवाब में हिंदुत्व: जातीय सियासत और सपा के PDA फॉर्मूले के जवाब में भाजपा सभी जातियों को हिंदू समाज के तौर पर पेश करेगी। इसका जवाब सोशल मीडिया के जरिए दिया जाएगा।
4. थाने-तहसील पर सुनवाई नहीं होने से नाराजगी: पदाधिकारियों ने बताया कि थाने-तहसील पर सुनवाई न होने से जनता में नाराजगी है। क्षेत्रीय और स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों की भी अधिकारी नहीं सुनते, जिससे गलत संदेश जा रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि कई अधिकारी अंदरखाने सपा के पक्ष में माहौल बना रहे हैं, ऐसे अधिकारियों को चिन्हित करने की जरूरत है।
5. महामंत्रियों को जीत का टास्क: बीएल संतोष ने सभी प्रदेश महामंत्रियों के साथ अलग बैठक की। उन्होंने एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने के साथ ही विधानसभा चुनाव जीतने का टास्क दिया। उन्हें क्षेत्र में प्रवास करने और जनता से नियमित संवाद करने को कहा गया है। मोर्चा और प्रकोष्ठों के गठन का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।



