गाजीपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपोषित बच्चों के माता-पिता का हुआ सम्मान

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपोषित बच्चों के माता-पिता का हुआ सम्मान
अन्नप्राशन व गोदभराई कार्यक्रम के जरिए मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण के प्रति किया गया जागरूक

गाजीपुर, 08 सितंबर 2026। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के सम्मान तथा सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता एवं महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद अयोध्या से किया। इसी क्रम में मंगलवार को गाजीपुर के राइफल क्लब सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह, विधायक जखनियां बेदी राम, नगर पालिका परिषद गाजीपुर की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, सुभासपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजभर, निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश, एमएलसी प्रतिनिधि प्रदीप पाठक, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, पीडी, डीडीओ, डीसी मनरेगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं मौजूद रहीं।कार्यक्रम के दौरान अयोध्या से मुख्यमंत्री के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के शुभारंभ एवं संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री का संबोधन देखा और सुना।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तिकरण तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे से रखी जाती है। सरकार कुपोषण समाप्त करने तथा प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को गांव-गांव और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों तक पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाने में उनका योगदान सराहनीय है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सम्मानित होने वाली कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका कार्य समाज के भविष्य को मजबूत करने वाला है।विधायक जखनियां बेदी राम ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को दिया जा रहा यह सम्मान उनके कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता और योगदान का सम्मान है। उन्होंने सभी सम्मानित कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह ने कहा कि “एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ परिवार की नींव रखती है और स्वस्थ बच्चे ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं।” उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांवों में सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती हैं। गर्भवती महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी देने, बच्चों के वजन एवं स्वास्थ्य की निगरानी, टीकाकरण के लिए प्रेरित करने तथा कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री द्वारा कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों बाबा, यश, ऊर्सा फातिमा, सरस्वती, लाडो एवं शिवम कुमारी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। इनमें कुसुम सिंह, मधुबाला, सीमा मौर्य, पुनीता कुशवाहा, सीमा यादव, अनीता देवी, लक्ष्मी देवी, आशिया खातून, शीला देवी सहित अन्य कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं शामिल रहीं। मुख्य सेविकाओं मीना कुमारी, कंचन कुमारी एवं मंजू सिंह सहित अन्य को भी सम्मानित किया गया।महिला कल्याण विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों पूनम वर्मा, तन्मय पांडे, पुष्पा पांडे, आशुतोष कुशवाहा, रुबिका सहित अन्य लाभार्थियों को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की तथा नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान महिलाओं को गर्भावस्था में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए प्रेरित किया गया।अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों को बताया गया कि छह माह की आयु पूरी होने के बाद मां के दूध के साथ बच्चों को उचित एवं पौष्टिक पूरक आहार देना आवश्यक है। माताओं एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया।कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि सुपोषण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, नियमित टीकाकरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने तथा जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास जारी रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में महिलाएं एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।


