जखनियां/गाजीपुर : डीएम के आने की भनक से जखनियां ब्लॉक में तेज हुआ सफाई अभियान

डीएम के आने की भनक से जखनियां ब्लॉक में तेज हुआ सफाई अभियान


छतों पर जमा गंदगी को लेकर उठे सवाल, जनता बोली- नियमित निरीक्षण हो तो बदल सकती है सरकारी संस्थानों की तस्वीर

जखनियां/गाजीपुर। जिलाधिकारी के जखनियां ब्लॉक के संभावित निरीक्षण की भनक लगते ही सोमवार को ब्लॉक परिसर में सफाई अभियान अचानक तेज हो गया। कर्मचारी परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे नजर आए। इसको लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा रही कि यदि अधिकारियों के आने की सूचना मिलने पर ही सरकारी कार्यालयों में सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर सक्रियता बढ़ती है तो सामान्य दिनों में इनकी निगरानी और देखरेख की स्थिति क्या रहती होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक परिसर की छतों पर लंबे समय से गंदगी और घास-फूस का अंबार लगा हुआ है। सामान्य दिनों में इन स्थानों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन अधिकारियों के निरीक्षण की सूचना मिलते ही सफाई व्यवस्था सक्रिय हो जाती है। लोगों का सवाल है कि क्या सरकारी संस्थानों की साफ-सफाई केवल निरीक्षण के समय ही जरूरी है?
जखनियां ब्लॉक को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विभिन्न शिकायतें और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की निगरानी के लिए अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाना जरूरी है। उनका मानना है कि यदि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी अथवा अन्य वरिष्ठ अधिकारी सप्ताह में एक बार या कम से कम महीने में एक बार ब्लॉक, तहसील और अन्य सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण करें तो व्यवस्थाओं में काफी सुधार हो सकता है।
लोगों का कहना है कि निरीक्षण केवल कागजी रिपोर्ट तक सीमित न रहकर मौके पर होना चाहिए। इससे कार्यालयों की वास्तविक स्थिति, साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति और विकास कार्यों की गुणवत्ता का भी पता चल सकेगा। जनता के मुताबिक इससे सरकारी व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा और प्रदेश की प्रशासनिक छवि बेहतर हो सकती है।
इधर, जखनियां ब्लॉक में नए खंड विकास अधिकारी की तैनाती के बाद लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए बीडीओ कार्यालय की व्यवस्थाओं के साथ विकास कार्यों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान देंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार को लेकर लगने वाले आरोपों की निष्पक्ष जांच और योजनाओं की पारदर्शी निगरानी जरूरी है। उनका सवाल है कि यदि नियमित निरीक्षण होता है तो अनियमितताओं की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? अब लोगों की नजर नए खंड विकास अधिकारी की कार्यशैली और आने वाले दिनों में होने वाले निरीक्षण पर टिकी है।



