100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी नाबालिक बच्ची

100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी नाबालिक बच्ची
‘खाकी’ ने लगा दी जान की बाजी!
गोरखपुर। पुलिसकर्मी सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने वाला नहीं, बल्कि मुसीबत की घड़ी में जिंदगी बचाने वाला भरोसा भी है। गोरखपुर में रविवार को इसका एक बेहद भावुक और साहसिक उदाहरण देखने को मिला।
थाना एम्स क्षेत्र के महादेव झारखंडी कॉलोनी में एक नाबालिग लड़की नाराज होकर करीब 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और आत्महत्या करने की कोशिश करने लगी। सूचना मिलते ही महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं।
पुलिस टीम ने बच्ची को समझाकर नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार नीचे कूदने की बात कहती रही। इसी दौरान बच्ची टंकी के पाइप को पकड़कर नीचे लटक गई। हालात बेहद खतरनाक थे और जरा सी चूक बच्ची की जान ले सकती थी।
लेकिन महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार ने अपनी जान की परवाह नहीं की। वह बच्ची के बेहद करीब पहुंचीं और समय रहते उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस टीम की मदद से बच्ची को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
एक पुलिसकर्मी कैसे अपनी जान जोखिम में डालकर हमारी और आपकी सुरक्षा करता है, इसकी मिसाल गोरखपुर में देखने को मिली। जागृति खरवार ने न सिर्फ एक बच्ची की जिंदगी बचाई, बल्कि एक बड़ी अनहोनी को टालकर एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ी है।
इस साहसिक कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ और पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटिल ने सोमवार को पुलिस कार्यालय पर महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सम्मान पाकर जागृति खरवार के चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी सिर्फ एक पुरस्कार की खुशी नहीं थी, बल्कि उस जिंदगी को बचाने का संतोष था, जिसे उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और साहस से मौत के मुंह से वापस खींच लिया।
जागृति खरवार का साहस गोरखपुर पुलिस का अभिमान बढ़ाता है और खाकी के उस मानवीय चेहरे को सामने लाता है, जो जरूरत पड़ने पर अपनी जान की बाजी लगाकर भी जिंदगी बचाने के लिए आगे बढ़ता है।



