गुरुग्राम : शिवाजी नगर थाने के बाहर गरजे कांग्रेस नेता अनिल धानक, हल्द्वानी शुद्धिकरण कांड के विरोध में समर्थकों संग धरना देकर दर्ज कराई शिकायत

रिपोर्टर इंडिया नाउ 24 सुरेंद्र गुरुग्राम
शिवाजी नगर थाने के बाहर गरजे कांग्रेस नेता अनिल धानक, हल्द्वानी शुद्धिकरण कांड के विरोध में समर्थकों संग धरना देकर दर्ज कराई शिकायत
शिवाजी नगर: दलित समाज और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के खिलाफ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी आंदोलन अब सड़कों पर रूप लेता दिख रहा है। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल का कुछ हिंदू संगठनों द्वारा किए गए तथाकथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति (SC) विभाग के आह्वान पर देशभर में एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं।
इसी कड़ी में, शिवाजी नगर थाने में उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल धानक अपने समर्थकों के साथ एफआईआर दर्ज कराने पहुँचे। शिकायत लेने में आनाकानी और पुलिस की टालमटोल की नीति पर अनिल धानक और एसएचओ (SHO) के बीच तीखी बहस और तू-तू मैं-मैं हो गई।
पुलिस प्रशासन के अड़ियल रवैये को देखते हुए अनिल धानक ने कड़ा रुख अपनाया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद समर्थकों के साथ थाने के ठीक बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम, पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी और बढ़ते जनदबाव के आगे आखिरकार पुलिस बैकफुट पर आई। थाने के बाहर प्रदर्शन की गंभीरता को समझते हुए एसएचओ ने खुद बाहर आकर अनिल धानक से शिकायत पत्र स्वीकार किया।
पत्रकारों से बात करते हुए अनिल धानक ने कहा, “देश के सर्वोच्च दलित नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी का यह अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के पूरे अनुसूचित जाति समाज और संविधान का अपमान है। तथाकथित शुद्धिकरण की मानसिकता यह दर्शाती है कि कुछ सामंती सोच के संगठन आज भी छुआछूत और नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं। जब तक ऐसे नफरती तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता सड़क से लेकर संसद तक चुप नहीं बैठेगा।”
अनिल धानक ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस ने इस शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।



