गाजीपुर : पशुचर भूमि पर अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, पक्का निर्माण हटाकर जमीन कराई अतिक्रमणमुक्त

पशुचर भूमि पर अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, पक्का निर्माण हटाकर जमीन कराई अतिक्रमणमुक्त

गाजीपुर, 30 अगस्त। सार्वजनिक एवं आरक्षित भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध जिला प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पशुचर भूमि को कब्जामुक्त कराया। तहसील सदर क्षेत्र के मौजा नसीरुद्दीनपुर, परगना पचोतर स्थित आराजी संख्या 565, रकबा 0.2690 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में पशुचर भूमि के रूप में दर्ज है। इसके अंश भाग पर किए गए अवैध कब्जे और पक्के निर्माण को प्रशासन ने हटवा दिया।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) सुनील कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की।प्रशासन के अनुसार, उक्त भूमि के 0.0030 हेक्टेयर एवं 0.0100 हेक्टेयर हिस्से पर अवैध कब्जे और पक्के निर्माण को लेकर तहसीलदार सदर की न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत वाद चलाए गए थे। न्यायालय ने क्रमशः 3 अप्रैल 2025 और 14 अक्टूबर 2025 को बेदखली एवं क्षतिपूर्ति के आदेश पारित किए थे। इन आदेशों के विरुद्ध दाखिल अपील भी सक्षम न्यायालय द्वारा 17 जनवरी 2026 को निरस्त कर दी गई थी।न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमणकर्ता को स्वयं कब्जा हटाने के लिए नोटिस एवं द्वितीय नोटिस जारी किए गए। निर्धारित समय दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद रविवार को राजस्व एवं पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अवैध कब्जे एवं पक्के निर्माण को हटाकर पशुचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा दिया।कार्रवाई उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार सदर एवं प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में पर्याप्त राजस्व एवं पुलिस बल के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कार्रवाई की निगरानी मुख्य राजस्व अधिकारी, गाजीपुर एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा की गई।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सभा की सार्वजनिक उपयोग की भूमि, विशेषकर पशुचर, तालाब, रास्ता एवं खलिहान जैसी आरक्षित श्रेणी की भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे अतिक्रमणों को चिह्नित कर विधिक प्रक्रिया के तहत हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही दोषी व्यक्तियों से नियमानुसार क्षतिपूर्ति एवं अतिक्रमण हटाने में हुए व्यय की वसूली भी सुनिश्चित की जाएगी।



