गाजीपुर : गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम ने सेवराई के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम ने सेवराई के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
फसल क्षति का सर्वे कर किसानों को समय से मुआवजा दिलाने के निर्देश, बाढ़ प्रभावित गांवों में 15 दिनों की खाद्य सामग्री का अग्रिम भंडारण कराने को कहा

गाजीपुर, 24 अगस्त 2026। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सोमवार को तहसील सेवराई के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत बिरऊपुर और हसनपुर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत बिरऊपुर से हुई। गंगा नदी के सबसे नजदीक होने के कारण यह गांव बाढ़ से अधिक प्रभावित होता है। जिलाधिकारी ने खेतों में पहुंचकर जलभराव की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि खेतों में पानी घुसने से धान की फसल को नुकसान की आशंका है। इस पर जिलाधिकारी ने कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को तत्काल क्षेत्र का सर्वे कर फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों के क्लेम की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जाए, ताकि उन्हें समय से मुआवजा मिल सके।इसके बाद जिलाधिकारी हसनपुर गांव पहुंचे। पंचायत भवन में उन्होंने ग्रामीणों, ग्राम प्रधान एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। ग्रामीणों ने नाव, पेयजल, दवाओं और पशुओं के चारे से संबंधित समस्याएं उनके समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि बाढ़ के दौरान विशेष सावधानी बरतें और गंगा नदी के किनारे न जाएं। उन्होंने कहा कि नदी में पानी का प्रवाह तेज है और खतरा बना हुआ है। बच्चों को अकेले बाहर न निकलने दें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।इसके बाद जिलाधिकारी ने तहसील सभागार जमानिया में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पशुपालन विभाग को गांवों में मौजूद सभी पशुओं का युद्धस्तर पर टीकाकरण कराने तथा भूसे और हरे चारे का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिला पूर्ति विभाग को बाढ़ प्रभावित गांवों के पंचायत भवनों एवं बाढ़ शरणालयों में कम से कम 15 दिनों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री और स्वच्छ पेयजल का अग्रिम भंडारण कराने को कहा गया। मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी बाढ़ चौकियों एवं शरणालयों पर चिकित्सकीय टीम तैनात रखने तथा पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, बुखार, उल्टी-दस्त की दवाएं और एंटी-वेनम इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर बीमार व्यक्तियों की सूची पहले से तैयार रखने को भी कहा गया।जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं तहसील प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित और जलमग्न होने वाले मार्गों पर तत्काल बैरिकेडिंग लगाने तथा खतरे के निशान लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त संख्या में नाव, नाविक एवं लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बाढ़ शरणालयों में बिजली, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने बताया कि जिला एवं तहसील स्तर पर 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में कंट्रोल रूम के नंबर चस्पा कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीण तत्काल सूचना दे सकें।निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जमानिया, तहसीलदार सेवराई, खंड विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



