Breaking Newsभारत

जखनियां (गाजीपुर) : संपर्क मार्ग पर रैंप न बनने से ग्रामीणों में रोष, डीएम से हस्तक्षेप की मांग

संपर्क मार्ग पर रैंप न बनने से ग्रामीणों में रोष, डीएम से हस्तक्षेप की मांग

एनएच-124डी से जुड़ी पुरानी सड़क पर रैंप नहीं बनने से कई गांवों के लोगों को परेशानी, ग्रामीणों ने एनएचआई अधिकारियों पर लगाया हीलाहवाली का आरोप

जखनियां (गाजीपुर)। सैदपुर से मरदह तक निर्माणाधीन एनएच-124डी को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए ग्रामीणों ने इसके निर्माण कार्य को लेकर खुशी जताई है, लेकिन इसी राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मोलनापुर के संपर्क मार्ग पर रैंप का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-124डी सैदपुर से मरदह तक क्षेत्र के विकास की नई गाथा लिखने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। इस परियोजना के लिए ग्रामीणों ने पूर्व सांसद एवं विकास पुरुष मनोज सिन्हा के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के आवागमन, व्यापार और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

पुरानी सड़क बनी कई गांवों की लाइफ लाइन

ग्रामीणों के मुताबिक एनएच-124डी से जुड़ी मोलनापुर की पुरानी सड़क क्षेत्र के कई गांवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग से मोलनापुर, तालगांव, बिंद्राबन, मीरपुर, उड़ासन समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त मार्ग उनके लिए किसी लाइफ लाइन से कम नहीं है।एनएच-124डी के निर्माण के दौरान इस मार्ग पर बाईपास बनाए जाने के बाद पुरानी सड़क का संपर्क राजमार्ग से प्रभावित हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों की सुविधा के लिए संपर्क मार्ग पर रैंप का निर्माण आवश्यक है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से रैंप निर्माण की मांग किए जाने के बावजूद संबंधित एनएचआई अधिकारी इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहे हैं।

रैंप नहीं बनने से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग पर उचित रैंप नहीं होने के कारण दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब उक्त सड़क का इस्तेमाल आसपास के कई गांवों के लोग वर्षों से करते आ रहे हैं तो एनएच-124डी के निर्माण के बाद उनके सुगम आवागमन के लिए रैंप का निर्माण क्यों नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि रैंप निर्माण में हो रही देरी का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग समस्त ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी गाजीपुर से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर एनएचआई के संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कराकर संपर्क मार्ग पर आवश्यक रैंप का निर्माण कराने के लिए निर्देशित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-124डी का वास्तविक लाभ तभी आम जनता को मिल सकेगा, जब इससे जुड़े पुराने संपर्क मार्गों को भी सुगम बनाया जाएगा।ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। ऐसे में मुख्य राजमार्ग से जुड़े गांवों के संपर्क मार्ग पर रैंप नहीं होने से परियोजना का लाभ ग्रामीणों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया और रैंप निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं शासन-प्रशासन की होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button