Breaking Newsभारत

जखनियां, गाजीपुर : श्री महंत रामाश्रय दास पीजी कॉलेज के प्राचार्य निलंबित, विभागीय जांच तक कार्रवाई जारी

श्री महंत रामाश्रय दास पीजी कॉलेज के प्राचार्य निलंबित, विभागीय जांच तक कार्रवाई जारी

जखनियां, गाजीपुर। श्री महंत रामाश्रय दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भुड़कुड़ा के प्राचार्य प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल को महाविद्यालय के अध्यक्ष/प्रबंधक द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश में प्रशासनिक, वित्तीय, अभिलेखीय एवं अनुशासनात्मक मामलों से संबंधित कई बिंदुओं को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है।आदेश के अनुसार 18 जुलाई से 14 अगस्त 2026 के बीच हुए पत्राचार, प्राचार्य की ओर से दिए गए जवाब, चार अगस्त को किए गए आकस्मिक निरीक्षण तथा उपलब्ध अभिलेखों की समीक्षा के बाद विभिन्न मामलों को विभागीय जांच के दायरे में रखा गया है। इनमें अध्यक्ष/प्रबंधक के प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन में कथित शिथिलता, मूल उपस्थिति पंजिका प्रस्तुत नहीं किया जाना तथा प्राचार्य की उपस्थिति से संबंधित अभिलेखों में कथित विसंगतियां शामिल हैं।

वित्तीय अभिलेखों को लेकर भी जांच

निलंबन आदेश में नवीन उपस्थिति पंजिका के संचालन, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था से जुड़े निर्देशों के अनुपालन तथा महाविद्यालय के वित्तीय अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने का भी उल्लेख किया गया है। इन अभिलेखों में बैंक पासबुक, बैंक स्टेटमेंट, विभिन्न निधियों के दस्तावेज, आय-व्यय रजिस्टर, भुगतान एवं व्यय संबंधी अभिलेख तथा ऑडिट से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए गए हैं।इसके अलावा प्रो. संतोष कुमार त्रिपाठी के वेतन से कथित कटौती के मामले को भी विभागीय जांच का विषय बनाया गया है। इसमें कटौती किस आधार पर और किस सक्षम आदेश के तहत की गई, इसकी जांच की जाएगी। महाविद्यालय छोड़ने से संबंधित अनुमति के अभिलेख सहित अन्य प्रशासनिक मामलों की भी जांच प्रस्तावित है।

निलंबन अंतिम दंड नहीं

अध्यक्ष/प्रबंधक की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन विभागीय जांच लंबित रहने तक की प्रशासनिक कार्रवाई है। इसे अंतिम दंडादेश नहीं माना गया है और आरोपों को भी अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जाएगा। विभागीय जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित पक्ष के बचाव के आधार पर नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा।निलंबन अवधि में प्राचार्य को महाविद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का प्रयोग न करने, अभिलेखों में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं करने तथा विभागीय जांच को प्रभावित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं महाविद्यालय के दैनिक प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का प्रभार वरिष्ठ शिक्षक प्रो. सत्य प्रकाश को तत्काल प्रभाव से सौंपा गया है।

प्राचार्य बोले—जांच में अपना पक्ष और साक्ष्य रखूंगा

निलंबन के संबंध में प्राचार्य प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि, “इस पर मैं अभी कोई राय व्यक्त नहीं कर सकता। अध्यक्ष का फैसला है, वह जो कर रहे है गलत कर रहे हैं। प्राचार्य ने कहा कि बिना वीसी के अनुमति के यह निर्णय नहीं लिया जा सकता यह निलंबन पूर्ण रूप से गलत एवं मनमानी है।जांच के दौरान जो भी कहना होगा अथवा साक्ष्य देना होगा, मेरे द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।”

वहीं पूरे मामले को लेकर महाविद्यालय के अध्यक्ष शत्रुघ्न दास महाराज से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button