Breaking Newsभारत

गाजीपुर : गाजीपुर पुलिस लाइन में साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित, महिलाओं एवं बच्चों के ऑनलाइन अपराधों की रोकथाम पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

गाजीपुर पुलिस लाइन में साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित, महिलाओं एवं बच्चों के ऑनलाइन अपराधों की रोकथाम पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

गाजीपुर। जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले ऑनलाइन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में साइबर जागरूकता एवं OCWC (Online Crimes Against Women and Children) विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनपद के सभी थानों से आए पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग कर साइबर अपराधों से निपटने के नवीन तरीकों की जानकारी प्राप्त की।कार्यशाला में बताया गया कि OCWC (ऑनलाइन क्राइम्स अगेंस्ट वूमेन एंड चिल्ड्रेन) गृह मंत्रालय के I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय जागरूकता एवं क्षमता-वर्धन अभियान है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को डिजिटल माध्यम पर सुरक्षित रखना, ऑनलाइन उत्पीड़न एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ऐसे मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए पुलिस की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करना है।जनपद की साइबर टीम के प्रभारी एवं विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों ने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण तथा तकनीकी रूप से मामलों के प्रभावी निस्तारण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी एवं अन्य निजी सूचनाएं किसी के साथ साझा न करने की सलाह देने पर विशेष जोर दिया गया।प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन उत्पीड़न अथवा महिलाओं और बच्चों से जुड़े किसी भी साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए तथा संबंधित थाने अथवा साइबर सेल से तत्काल संपर्क करे, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।कार्यशाला के दौरान साइबर अपराधों की बदलती चुनौतियों, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सतर्कता और जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं पुलिसकर्मियों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आमजन को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button