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गोरखपुर में ऑटो चालक के बेटे ने रचा इतिहास, चौथे प्रयास में किया NEET क्वालिफाई

गोरखपुर में ऑटो चालक के बेटे ने रचा इतिहास, चौथे प्रयास में किया NEET क्वालिफाई

पिता ने कर्ज लेकर कराई कोचिंग, बेटे ने कहा— अब डॉक्टर बनकर पापा के लिए कार खरीदूंगा

गोरखपुर। मेहनत, लगन और परिवार के अटूट सहयोग की बदौलत गोरखपुर के 23 वर्षीय विशाल तिवारी ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। गोरखनाथ क्षेत्र के मिर्जापुर पचपेड़वा कॉलोनी निवासी विशाल ने 720 में से 605 अंक प्राप्त कर NEET क्वालिफाई किया है। उनके पिता संतोष तिवारी शहर में ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
विशाल को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट के बाद से लगातार चार वर्षों तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। आर्थिक तंगी के कारण शुरुआती दो वर्षों तक बिना कोचिंग के स्वाध्याय किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पिता ने इधर-उधर से कर्ज लेकर उन्हें कोचिंग में दाखिला दिलाया।
NEET की तैयारी के दौरान विशाल ने अपने छोटे-मोटे खर्च पूरे करने के लिए होम ट्यूशन भी पढ़ाई। सुबह कोचिंग, शाम को ट्यूशन और रात तक लाइब्रेरी में सेल्फ स्टडी उनकी दिनचर्या का हिस्सा थी।
विशाल की शादी वर्ष 2022 में कल्पना पांडेय से हुई थी। उन्होंने बताया कि शादी के बाद पत्नी ने घर और बच्चे की पूरी जिम्मेदारी संभाली, जिससे वह बिना किसी चिंता के पढ़ाई पर ध्यान दे सके।
रिजल्ट आने पर विशाल ने सबसे पहले यह खुशखबरी अपने पिता को दी। बेटे की सफलता सुनकर पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं। विशाल ने भावुक होकर कहा कि उनका सपना अब डॉक्टर बनकर अपने पिता के संघर्ष का सम्मान करना है।
उन्होंने कहा, “पापा ने मेरी पढ़ाई के लिए कर्ज लिया और हर मुश्किल में मेरा साथ दिया। अब डॉक्टर बनकर सबसे पहले मैं पापा के लिए एक कार खरीदूंगा।”
विशाल की सफलता ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां कभी भी मेहनत और दृढ़ संकल्प के आगे बाधा नहीं बन सकतीं। आज उनकी कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

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