लखनऊ नगर निगम की बड़ी लापरवाही उजागर: डीएम की जांच में 36 IGRS शिकायतों का फर्जी निस्तारण मिला

लखनऊ नगर निगम की बड़ी लापरवाही उजागर: डीएम की जांच में 36 IGRS शिकायतों का फर्जी निस्तारण मिला
लखनऊ। लखनऊ नगर निगम (LMC) में जनता की शिकायतों को लेकर बरती जा रही गंभीर लापरवाही का एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी (DM) द्वारा कराई गई एक औचक जांच में पता चला है कि नगर निगम के अधिकारी ‘एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली’ (IGRS) पोर्टल पर आने वाली जन-शिकायतों पर बिना धरातली काम किए झूठी रिपोर्ट लगा रहे थे।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जब सच्चाई जानने के लिए पोर्टल पर दर्ज 80 शिकायतकर्ताओं को सीधे फोन किया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। इनमें से 36 शिकायतों का बिना किसी ठोस समाधान या सही कारण के ही अधिकारियों ने कागजों पर निस्तारण (Disposal) दिखा दिया था।
इस फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि स्तरहीन और फर्जी कारण बताकर शिकायतों को बंद करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है, जिसके बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है।
मई 2026 की रैंकिंग: सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शहरों में लखनऊ तीसरे नंबर पर
शासन द्वारा जारी मई 2026 की मासिक IGRS रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम का बेहद निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। प्रदेश के पांच सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले नगर निगमों में लखनऊ तीसरे स्थान पर है।
शासन की ओर से इस खराब प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए नगर विकास प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने संबंधित शहरों के नगर आयुक्तों को पत्र जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। नियमों के मुताबिक, हर शिकायत का तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर फोटो सहित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है, जिसमें लखनऊ लगातार पिछड़ रहा है।



