गाजीपुर : गाजीपुर में मतदेय स्थलों का पुनर्गठन, अब जिले में होंगे 3335 मतदान केंद्र

गाजीपुर में मतदेय स्थलों का पुनर्गठन, अब जिले में होंगे 3335 मतदान केंद्र
मतदाताओं की सुविधा पर जोर, सभी बूथ भूतल पर होंगे; जर्जर भवनों से 41 मतदान केंद्र किए गए स्थानांतरित

गाजीपुर। आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाताओं की सुविधा एवं पारदर्शी मतदान व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जनपद में मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राइफल क्लब में आयोजित बैठक में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद पुनर्गठन प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से सहमति बनी।जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जर्जर एवं अनुपयुक्त भवनों में संचालित मतदान केंद्रों को सुरक्षित एवं स्थायी सरकारी भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी मतदाता को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े। सभी मतदान केंद्र भूतल पर स्थापित किए जाएंगे, जिससे बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी केंद्रों पर रैंप, पेयजल, शौचालय, बिजली, छायादार शेड तथा फर्नीचर जैसी न्यूनतम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।भौतिक सत्यापन एवं सघन सर्वेक्षण के बाद 1200 से अधिक मतदाता वाले क्षेत्रों में दो नए मतदेय स्थल बनाए गए हैं, जबकि 1200 से कम मतदाता वाले 45 बूथों का अन्य मतदान केंद्रों में समायोजन (मर्ज) किया गया है। इसके अलावा जर्जर घोषित 41 मतदान केंद्रों को सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया गया है।पुनर्गठन के बाद जनपद में वर्तमान 3378 मतदेय स्थलों की संख्या घटकर 3335 प्रस्तावित मतदान केंद्र रह जाएगी। इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।बैठक में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त 47 सुझावों पर विचार किया गया, जिनमें से आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। समीक्षा के उपरांत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इस जनहितैषी प्रस्ताव पर अपनी सहमति व्यक्त की।बैठक में अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी वेद सिंह चौहान, सभी उपजिलाधिकारी, भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


