गोरखपुर : शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) लागू होने से 30 वर्ष पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षा के शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से मुक्ति दिलाने की मांग अब तेज हो गई है

गोरखपुर, 14 जुलाई। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) लागू होने से 30 वर्ष पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षा के शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से मुक्ति दिलाने की मांग अब तेज हो गई है। ‘टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा एवं महासचिव राम मूर्ति ठाकुर के आह्वान पर आज गोरखपुर में शिक्षकों ने केंद्रीय राज्य मंत्री व बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे को संसद में उठाने की मांग की।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश धर दूबे, जिला मंत्री श्रीधर मिश्रा और मंडलीय मंत्री ज्ञानेंद्र ओझा के नेतृत्व में आज सैकड़ों की संख्या में शिक्षक केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान से मिले। शिक्षकों ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपनी मांगों का ज्ञापन पढ़ा, जिसे उन्होंने बेहद ध्यानपूर्वक सुना। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने उपस्थित शिक्षकों से विस्तृत विचार-विमर्श किया और आश्वस्त किया कि वे आगामी मानसून सत्र के दौरान संसद में इस मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाकर शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति दिलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
इस महत्वपूर्ण अवसर पर सुधांशु सिंह, अनिल कुमार पाण्डेय, युगेश शुक्ला, अनिल चंद, राजेश सिंह, डॉ. सी.बी. तिवारी, सुमंत सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप उपाध्याय, सम्पूर्णानन्द त्रिपाठी, अरविन्द पाण्डेय, जीतेन्द्र मिश्रा, संग्राम सिंह, महेंद्र चतुर्वेदी, संतोष सिंह, सुखराम प्रसाद, राम अयोध्या सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, बशिष्ठ त्रिपाठी, पुष्पराज दूबे और सैयद मुहम्मद सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री, जनपदीय पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।


