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गाजीपुर : स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता से न करें समझौता, बाजार की मांग के अनुसार करें उत्पादन: डीएम

स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता से न करें समझौता, बाजार की मांग के अनुसार करें उत्पादन: डीएम

भदौरा और रेवतीपुर में एनआरएलएम कार्यशाला में महिलाओं से संवाद, उत्पादों की ब्रांडिंग, प्रशिक्षण और विपणन पर दिया जोर

गाजीपुर, 14 जुलाई। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न लाभकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से विकास खंड भदौरा एवं रेवतीपुर सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कार्यशाला एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली। महिलाओं ने हैंडवॉश, फिनायल, हार्पिक, अगरबत्ती, रेडीमेड कपड़े, झाड़ू, मसाले, कॉस्मेटिक सामग्री और कृषि आधारित कार्यों की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उत्पादों की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता न किया जाए तथा बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन की भी व्यवस्था कराई जाएगी।जिलाधिकारी ने बीएमएम एवं डीएमएम को समूहों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र परिवारों का सर्वे कर उन्हें मिशन की योजनाओं से जोड़ा जाए तथा स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, विपणन और बाजार उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।कार्यशाला में उपस्थित लखपति दीदियों की समस्याएं भी सुनी गईं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई।मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि एनआरएलएम ग्रामीण विकास एवं गरीबी उन्मूलन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को समूहों की नियमित समीक्षा कर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम से पूर्व जिलाधिकारी एवं ब्लॉक प्रमुखों ने परिसर में वृक्षारोपण कर अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। इसके बाद जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित अन्नप्राशन एवं गोद भराई कार्यक्रम में भी जिलाधिकारी ने सहभागिता की।कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख भदौरा एवं रेवतीपुर, उपायुक्त स्वरोजगार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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