गाजीपुर : शहीदों के सम्मान को समर्पित सद्दाम हुसैन: अपने खर्च और जनसहयोग से संवार रहे वीरों के स्मारक

शहीदों के सम्मान को समर्पित सद्दाम हुसैन: अपने खर्च और जनसहयोग से संवार रहे वीरों के स्मारक
सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे सैदपुर के युवा ने शुरू की अनोखी मुहिम, शहीदों की प्रतिमाओं और स्मारकों की सफाई, रंगाई-पुताई व सौंदर्यीकरण में जुटे साथी

गाजीपुर। देशभक्ति केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से भी साबित होती है। इसका जीवंत उदाहरण गाजीपुर जनपद के सैदपुर निवासी सद्दाम हुसैन हैं। भारतीय सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे सद्दाम ने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक ऐसा अभियान शुरू किया है, जिसकी आज पूरे जिले में सराहना हो रही है।सद्दाम हुसैन अपने मित्रों और स्थानीय युवाओं के सहयोग से जिले में स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं, स्मारकों और पार्कों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई तथा सौंदर्यीकरण का कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि जिन वीर सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए, उनकी यादों को हमेशा सम्मान के साथ संजोकर रखा जाए।इसी क्रम में उन्होंने परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के स्मारक पार्क का सौंदर्यीकरण कराया। इसके अलावा गाजीपुर के सैनिक चौराहे पर स्थापित सैनिक की प्रतिमा की सफाई और पेंटिंग भी कराई। शादियाबाद चौराहे पर शहीद की प्रतिमा का रंग-रोगन और सफाई का कार्य भी उनके प्रयासों से पूरा हुआ।यही नहीं, महावीर चक्र विजेता पंडित राम उग्रह पांडेय के ऐमा बंसी स्थित पार्क की सफाई और प्रतिमा की पेंटिंग कराकर और जखनियां रेलवे स्टेशन के सामने लगी प्रतिमा की पेंटिंग कराकर उन्होंने शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वहीं बहरियाबाद क्षेत्र के उकराव गांव में भी शहीद स्मारक को संवारने का कार्य जारी है।सबसे खास बात यह है कि सद्दाम यह पूरा अभियान बिना किसी निजी लाभ या प्रचार की इच्छा के चला रहे हैं। जहां भी जाते हैं, स्थानीय लोगों के सहयोग से शहीदों के स्मारकों को नया स्वरूप देने का प्रयास करते हैं।सद्दाम हुसैन कहते हैं, “जब कोई जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद होता है, तो हजारों लोग उसे अंतिम सलामी देने पहुंचते हैं। लेकिन कुछ समय बाद उसकी प्रतिमा और स्मारक उपेक्षा का शिकार हो जाते हैं। मैंने संकल्प लिया है कि जितना मेरे बस में होगा, मैं जनसहयोग से शहीदों की यादों को संवारने का काम करता रहूंगा।”उन्होंने बताया कि इस अभियान में उनके मित्र गुलशन आर्ट विशेष सहयोग दे रहे हैं, जो प्रतिमाओं की पेंटिंग और पार्कों में आकर्षक वॉल पेंटिंग कर शहीद स्मारकों को नया स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।सद्दाम हुसैन की इस अनूठी पहल की जिलेभर में सराहना हो रही है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर नागरिक शहीदों के प्रति ऐसा सम्मान और जिम्मेदारी का भाव रखे, तो देशभक्ति की यह भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बन जाएगी। सद्दाम की यह मुहिम आज गाजीपुर में देशप्रेम, सामाजिक सहभागिता और शहीद सम्मान की मिसाल बनती जा रही है।



