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कवरेज कर रहे पत्रकार का पुलिस क्षेत्राधिकार ने छीना मोबाइल, ढाई घंटे बाद अर्धरात्रि में फोन किया वापस

कवरेज कर रहे पत्रकार का पुलिस क्षेत्राधिकार ने छीना मोबाइल, ढाई घंटे बाद अर्धरात्रि में फोन किया वापस

गोरखपुर : बीती रात एक गिरफ्तारी की कवरेज कर रहे पत्रकार को कोतवाली पुलिस ने न केवल कवरेज करने से रोका, वरन यह बताने पर भी कि वह पत्रकार है और एक प्रतिष्ठित पत्रकार संगठन का सदस्य है, उसका मोबाइल छीन लिया गया. बाद में ढाई घंटे बाद अर्धरात्रि को उसका मोबाइल वापस किया गया. यह प्रक्रिया न केवल निंदनीय है वरन लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ पर सीधा प्रहार है.

उक्त विचार आज गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा प्रेस क्लब गोरखपुर के संरक्षक रत्नाकर सिंह ने एक पत्रकार वार्ता में व्यक्त किया. पत्रकार वार्ता में उनके साथ गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री मनोज श्रीवास्तव गणेश,प्रेस क्लब गोरखपुर के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राधेश्याम प्रजापति और महामंत्री श्री वहाब खान भी उपस्थित थे. श्री सिंह ने कहा कि बीती रात करीब 11:30 बजे उनके मोबाइल पर पत्रकार श्री अमित भारती का फोन आया. जिसमें उन्होंने बताया कि देर रात कोतवाली पुलिस ने सपा नेता अरविंद उपेंद्र दत्त शुक्ला की गिरफ्तारी सपा के महानगर अध्यक्ष शबीर कुरैशी के आवास से की. जिसकी तमाम नागरिकों सहित पत्रकार अमित भी कवरेज के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग बना रहे थे. उन्हें इस रिकॉर्डिंग से प्रभारी निरीक्षक कोतवाली छत्रपाल सिंह और क्षेत्राधिकारी कोतवाली श्री ओमकार दत्त तिवारी ने रोका. जब श्री भारती ने यह बताया कि मैं पत्रकार हूं और मैं गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन का सदस्य हूं, अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और क्षेत्राधिकार के कहने पर नखास चौकी प्रभारी दुर्गेश वैश्य ने जबरन उनका मोबाइल छीना और लेकर चले गए. श्री सिंह ने कहा कि इस संबंध में जब सूचना मिली तो उन्होंने दोनों अधिकारियों के मोबाइल पर फोन किया लेकिन उनका सीयुजी नहीं उठा और उसके थोड़ा देर बाद लगभग 12:30 बजे रात्रि में अमित भारती जी का मोबाइल दरोगा दुर्गेश वैश्य वापस किया गया. जिन्होंने श्री अमित से जबरन वह रिकॉर्डिंग डिलीट कराई.. इस दौरान लगभग ढाई घंटे श्री अमित भारती को अनायास कोतवाली में रुकना पड़ा. मोबाइल किस अधिकार से और किस अपराध में छीना गया? क्या यह किसी व्यक्ति के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं है? क्या यह पुलिस को मिले अमन और शांति की शक्तियों का दुरुपयोग नहीं है? वह भी तब जब महानगर में लोकप्रिय मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी महाराज उपस्थित रहे हों? और अगर श्री भारती ने कोई अपराध किया था तो मोबाइल वापस क्यों किया गया? पत्रकार संगठनो के पदाधिकारियों ने इस घटना पर गंभीर रोष व्यक्त करते हुए माननीय मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. कौस्तुभ से घटना के जांच की मांग की है. श्री सिंह ने कहा कि इस घटना को गोरखपुर जिला स्थाई समिति की बैठक में दमदारी के साथ उठाया जाएगा तथा इसकी शिकायत प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के साथ मानवाधिकार आयोग में भी की जाएगी.

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