गाजीपुर : गाजीपुर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिले ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सौगात

गाजीपुर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिले ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सौगात
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने वितरित किए प्रतीकात्मक कार्ड, कहा— विकसित भारत-2047 के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

गाजीपुर, 08 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किए जाने के उपरांत जनपद गाजीपुर में कलेक्ट्रेट रायफल क्लब सभागार में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत जनपद के 10 शिक्षकों को प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए। योजना के अंतर्गत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति छात्र ₹1200 की धनराशि यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी खरीदने के लिए हस्तांतरित की गई।कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी अब सरकार ने अपने हाथ में ली है। उन्होंने कहा कि कैशलेस चिकित्सा योजना से शिक्षक बिना किसी आर्थिक चिंता के पूरी ऊर्जा के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकेंगे। उन्होंने अधिक नामांकन वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित करते हुए कहा कि गाजीपुर शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।कार्यक्रम में बताया गया कि जनपद गाजीपुर में 8242 शिक्षक, 2471 शिक्षामित्र, 376 अनुदेशक तथा 6675 रसोइये शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। मंत्री ने अधिक नामांकन करने वाले पांच विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की स्वास्थ्य चिंता दूर कर ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त धनराशि का उपयोग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति में ही करें तथा उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें।कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।



