गंगानगर की मासूम बेटी के साथ हुई अमानवीय घटना पर गोरक्षनाथ सनातन संघ ने जताया गहरा आक्रोश, दोषियों को फांसी देने की मांग

गंगानगर की मासूम बेटी के साथ हुई अमानवीय घटना पर गोरक्षनाथ सनातन संघ ने जताया गहरा आक्रोश, दोषियों को फांसी देने की मांग
गोरक्षनाथ सनातन संघ परिवार की समस्त माताओं, बहनों एवं देशवासियों को सादर प्रणाम।
हाल ही में सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार माध्यमों के माध्यम से सामने आई गंगानगर की एक 13 वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुई अत्यंत दर्दनाक एवं अमानवीय घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।
गोरक्षनाथ सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनोद कुमार त्रिपाठी जी ने इस घटना पर गहरा दुःख एवं आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि इस जघन्य अपराध में रिक्शा चालक, सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी, होटल संचालक अथवा अन्य कोई व्यक्ति शामिल है, तो सभी दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम एवं शीघ्रतम दंड दिया जाना चाहिए। ऐसे जघन्य अपराधों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी समाज के लिए घातक सिद्ध होगी।
उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर सभी दोषियों के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घृणित हरकत करने का साहस न कर सके।
गोरक्षनाथ सनातन संघ की सभी अभिभावकों से अपील
बच्चों की सुरक्षा केवल सरकार या प्रशासन की ही नहीं, बल्कि समाज और प्रत्येक अभिभावक की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अभिभावक निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें—
प्रतिदिन अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों से खुलकर बातचीत करें तथा उनकी दिनचर्या और मित्रों के बारे में जानकारी रखें।
स्कूल, कॉलेज अथवा कोचिंग के लिए केवल विश्वसनीय वाहन या परिवार के सदस्य के साथ ही भेजें।
किसी अपरिचित व्यक्ति के वाहन या रिक्शे में बच्चों को अकेले न भेजें।
बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों एवं सोशल मीडिया उपयोग पर समय-समय पर निगरानी रखें।
बच्चों को “अच्छा स्पर्श–बुरा स्पर्श” (Good Touch–Bad Touch) की जानकारी दें तथा आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करें।
उन्हें अपना पता, अभिभावकों के मोबाइल नंबर तथा आपातकालीन स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीके अवश्य सिखाएं।
बच्चों के लिए आवश्यक सावधानियां
किसी भी अजनबी से टॉफी, उपहार, खाने-पीने की वस्तु या लिफ्ट स्वीकार न करें।
किसी अपरिचित व्यक्ति के साथ सुनसान स्थान पर न जाएं।
यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छुए, डराए या धमकाए तो तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
आपातकालीन सहायता हेतु 112 (पुलिस हेल्पलाइन) एवं 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) नंबर याद रखें।
“बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ – बेटी सुरक्षित रखो।”
हमारी छोटी-सी जागरूकता और सतर्कता हमारी बेटियों का भविष्य सुरक्षित बना सकती है।



