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लखनऊ बड़े मंगल के भंडारे और मोहर्रम के जुलूस के लिए भी लेनी होगी अनुमति, 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू

लखनऊ बड़े मंगल के भंडारे और मोहर्रम के जुलूस के लिए भी लेनी होगी अनुमति, 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू

आगामी पर्वों के मद्देनजर लखनऊ में आज से 60 दिनों तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। 21 मई से 19 जुलाई तक आदेश प्रभावी रहेगा। बिना अनुमति जुलूस-धरना और ड्रोन उड़ाने पर रोक लगी।

आगामी बकरीद, बड़ा मंगल, मोहर्रम समेत विभिन्न धार्मिक आयोजनों और प्रवेश परीक्षाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार की ओर से जारी यह आदेश 21 मई से प्रभावी होकर 19 जुलाई 2026 तक कुल 60 दिन लागू रहेगा।

आदेश के तहत विधानभवन और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रैक्टर ट्रॉली, घोड़ा गाड़ी, ज्वलनशील पदार्थ, सिलिंडर और हथियार लेकर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, बंदरिया बाग, गोल्फ क्लब, पार्क रोड, सिविल अस्पताल, अटल चौक और कैसरबाग समेत कई क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। लोकभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधान भवन और सरकारी कार्यालयों के आसपास ड्रोन उड़ाने और शूटिंग पर प्रतिबंध रहेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, अफवाह और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री साझा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। ग्रुप एडमिन को भी ऐसे मामलों में जिम्मेदार माना जाएगा।

धार्मिक आयोजनों के लिए लेनी होगी पूर्व अनुमतिआदेश में कहा गया है कि बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के जुलूस, सभा या समूह बनाने पर भी रोक रहेगी। किसी भी धार्मिक आयोजन जैसे भंडारा, जुलूस, शोभायात्रा, मजलिस, संगीत कार्यक्रम या मैच के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा।चाइनीज मांझे की बिक्री, उपयोग पर भी रोकआदेश में चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर रोक, किरायेदारों तथा ऑनलाइन डिलीवरी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य करने और साइबर कैफे संचालकों के लिए पहचान सत्यापन व रजिस्टर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।कर्मचारियों व किरायेदारों का सत्यापन जरूरीजोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट समेत सभी ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों को कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है। मकान मालिकों को भी किरायेदारों का सत्यापन कराए बिना मकान किराये पर न देने के निर्देश दिए गए।

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