प्रतीक के अंतिम दर्शन कर गमगीन दिखे अखिलेश यादव, किए अंतिम दर्शन

प्रतीक के अंतिम दर्शन कर गमगीन दिखे अखिलेश यादव, किए अंतिम दर्शन

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई, प्रतीक यादव (38) का लखनऊ में निधन हो गया है। वे समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे बेटे थे। उन्हें सुबह छह बजे सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। डॉक्टर ने जांच पड़ताल करके उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना जारी
प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना जारी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उन्हें अंतिम प्रणाम किया।
प्रतीक के आवास पर अखिलेश यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी किए अंतिम दर्शन
प्रतीक यादव का शव उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। इस मौके पर अखिलेश यादव मौजूद रहे और गमगीन नजर आए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी पार्थिव शव के अंतिम दर्शन किए।
पल्मोनरी एम्बोलिज़्म से पीड़ित थे, फेफड़ों में जम जाता था रक्त का थक्का
मेडिसिन विभाग की डॉ. रुचिता शर्मा का कहना है कि हमें प्रतीक यादव के निधन की खबर मिली है और इस क्षति से हमें गहरा दुख हुआ है। वे हमारे लंबे समय से मरीज थे। मैं काफी समय से उनका इलाज कर रही थी। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी समस्याएं थीं। कुछ ही दिन पहले, उन्हें ‘पल्मोनरी एम्बोलिज़्म’ होने के बाद यहां भर्ती कराया गया था।
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून का थक्का नसों से होते हुए फेफड़ों की धमनियों में पहुंचकर वहीं अटक जाता है। फेफड़ों में रुकावट के कारण, उनके दिल के काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ा था। कुछ दिन पहले ही वे सांस लेने में तकलीफ और सांस से जुड़ी अन्य समस्याओं की शिकायत लेकर यहां आए थे और उसी समय उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज़्म का पता चला था। पल्मोनरी एम्बोलिज़्म की स्थिति अपने आप में ही बेहद गंभीर और काफ़ी जोखिम भरी होती है। वे पहले से ही खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे; उन्हें अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी थी और वे अपनी ब्लड प्रेशर की दवाएं नियमित रूप से लेते थे।



