जखनियां : उच्च शिक्षा का केंद्र स्थापित कर महंथ रामाश्रयदास ने क्षेत्र का संताप हरने का काम किया: प्रमोद कुमार मिश्र

उच्च शिक्षा का केंद्र स्थापित कर महंथ रामाश्रयदास ने क्षेत्र का संताप हरने का काम किया: प्रमोद कुमार मिश्र
सतनामी परम्परा के सुमेरु ब्रह्मलीन महंथ रामाश्रयदास जी को महाप्रयाण दिवस की पूर्व संध्या पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया

(जखनियां):सिद्धपीठ भुड़कुड़ा के ब्रह्मलीन महंथ रामाश्रयदास जी महाराज के निर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर स्वामी रामकृष्ण इण्टर कालेज जाहीं में कार्यक्रम आयोजित कर उनका पुण्य स्मरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पी जी कॉलेज भुड़कुडा के वाणिज्य संकाय से प्रो. शिवानंद पाण्डेय तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष लेफ्टिनेंट डॉ प्रदीप कुमार, राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ विनय कुमार,डॉ सर्वानंद सिंह, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ.सन्तोष कुमार मिश्र तथा डॉ अखिलेश सिंह सहित प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार मिश्र ने महाराज जी के चित्र पर पुष्पार्चन किया।श्री महंथ रामाश्रयदास जी सतनामी परम्परा के उच्चकोटि के साधक थे। कबीर साहब के शब्दों में अगर कहें तो वे उस ईश्वर को अहर्निश भजते रहते थे “जाको मुख माथा नहीं/नाहीं रूप कुरूप, पुष्प वास ते पातरा/ऐसा तत्व अनूप।” महाराज जी ने जीवनपर्यंत साधना के बल पर अर्जित आध्यात्मिक ऊंचाई से शोक संतप्त मानवता की पीड़ा हरने का काम किया। अपने गुरु महाराज के द्वारा स्थापित इंटरमीडिएट कॉलेज एवम् संस्कृत महाविद्यालय का संचालन करने के साथ ही १४ सितंबर १९७२ ई.में क्षेत्र की जनता को उच्च शिक्षा प्रदान करने का पुनीत लक्ष्य लेकर महाविद्यालय की स्थापना किए। प्रो. शिवानंद पाण्डेय ने कहा कि महंथ रामाश्रयदास जी सहज प्रेम की प्रतिमूर्ति थे। मठ में जाने पर प्रायः सिद्धपीठ के अनुयायियों संग उनका सत्संग चलता रहता था। विगत दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करकमलों द्वारा महंथ रामाश्रयदास जी की प्रतिमा का भुड़कुड़ा पहुंचकर अनावरण किया गया।निश्चित रूप से भुड़कुड़ा पीठ और महाविद्यालय से जुड़ना क्षेत्र के लौकिक एवम् आध्यात्मिक अभ्युदय का मार्ग प्रशस्त करेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार मिश्र ने किया तथा संचालन जगदीश यादव के द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से दुखहरन सिंह यादव, सन्तोष यादव अभिषेक मिश्र, विप्लव यादव, बबलू चौहान, नंदलाल शर्मा, मंगेश मौर्य,अशोक चौहान, सुमंत यादव,अमित गिरी आदि उपस्थित थे।



