शादियाबाद: फरीदपुर में अंत्येष्टि स्थल निर्माण पर भड़के ग्रामीण, जमकर किया प्रदर्शन

शादियाबाद: फरीदपुर में अंत्येष्टि स्थल निर्माण पर भड़के ग्रामीण, जमकर किया प्रदर्शन
आबादी के करीब और विवादित जमीन पर निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने घेरा निर्माण स्थल
हाईकोर्ट और ग्राम न्यायालय में विचाराधीन है मामला, बिना खुली बैठक के कार्य शुरू कराने पर आक्रोश
ज़खनिया गाज़ीपुर।शादियाबाद थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। मानक विहीन निर्माण और घनी आबादी के समीप शवदाह गृह बनाए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को एकजुट होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और ग्राम प्रधान नियमों को ताक पर रखकर जबरन निर्माण करा रहे हैं।
आबादी और नदी की दूरी को लेकर विवाद
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित अंत्येष्टि स्थल मगई नदी से महज 100 मीटर और घनी आबादी से मात्र 20 मीटर की दूरी पर स्थित है। गांव निवासी मन्नू यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस गाटा संख्या 79 (रकबा 16 विस्वा एक धुर) नवीन परती पर निर्माण हो रहा है, उस पर वर्षों से खेती-बारी कर रहे हैं। इस जमीन का मामला वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय और ग्राम न्यायालय जखनिया में विचाराधीन है। इसके बावजूद ग्राम प्रधान द्वारा मनमाने तरीके से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।
बिना सहमति के ₹24 लाख का बजट खपाने का आरोप
मौके पर मौजूद भाजपा नेता देवचंद राम ने कहा कि लगभग 24 लाख रुपये से अधिक के बजट से बनने वाला यह अंत्येष्टि स्थल पूरी तरह मानक विहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए न तो गांव में कोई खुली बैठक बुलाई गई और न ही ग्राम पंचायत सदस्यों की राय ली गई। ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर जिलाधिकारी तक न्याय की गुहार लगाई है।
उप जिलाधिकारी अतुल कुमार ने कहा की मामला मेरे संज्ञान में आया है। आबादी और मानक की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी विस्तृत जांच कराकर शीघ्र ही विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी
विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से जितेंद्र यादव, अरविंद कुमार यादव, अजीत यादव, चंद्रभान, हरेंद्र, सूबेदार, दया यादव, पप्पू, दीपक समेत भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। जिनमें नीतू यादव, सुमन, मंजू, अनीता, शोभा, गुड़िया और आशा यादव ने भी अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही पूर्व प्रधान मोतीलाल राम, रामकरण, रमेश और बदन राम सहित सैकड़ों ग्रामीण एकजुट नजर आए।



