गोरखपुर : बड़हलगंज इंस्पेक्टर के भ्रष्टाचार व धमकियों से त्रस्त होकर आत्मदाह की चेतावनी: एंटी करप्शन कोर महासचिव ने दी प्रशासन को खुली चुनौती

27 अप्रैल 2026 गोरखपुर
बड़हलगंज इंस्पेक्टर के भ्रष्टाचार व धमकियों से त्रस्त होकर आत्मदाह की चेतावनी: एंटी करप्शन कोर महासचिव ने दी प्रशासन को खुली चुनौती
गोरखपुर: एंटी करप्शन कोर “इंडिया” के महासचिव बालेन्दु प्रसाद ओझा ने बड़हलगंज थाने पर तैनात इंस्पेक्टर पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए, प्रशासन के सामने अपनी जान देने की चेतावनी दी है। ओझा ने आरोप लगाया है कि उक्त इंस्पेक्टर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का मखौल उड़ाते हुए खुलेआम वसूली में लिप्त हैं।
भ्रष्टाचार और कदाचार के गंभीर आरोप
श्री ओझा ने प्रेस विज्ञप्ति में विस्तार से बताया कि बड़हलगंज इंस्पेक्टर द्वारा सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन करते हुए मंदिर के नाम पर मनमाने ढंग से चंदा वसूला जा रहा है। हद तो यह है कि यह वसूली सीधे ऑनलाइन बैंक खातों में ली जा रही है। इसके अतिरिक्त, थाने पर आने वाले फरियादियों को ‘पीली पर्ची’ न देना और न्याय के नाम पर शोषण करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन गया है।
शिकायत करने पर मिल रही जान से मारने की धमकियां
महासचिव ने बताया कि उन्होंने 19 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई है और गृह विभाग के प्रमुख सचिव व उच्चाधिकारियों को भी पत्र प्रेषित किया है। शिकायत की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर द्वारा उन्हें फोन कर थाने पर बुलाया गया। जब उन्होंने जाने से इनकार किया, तो उन्हें परोक्ष रूप से डराया-धमकाया जा रहा है। इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर कहा है कि “यदि शिकायत वापस नहीं ली गई, तो हमारे पास हर हथकंडा है, हम कुछ भी करवा देंगे।”
निष्पक्ष जांच के लिए इंस्पेक्टर को तत्काल हटाने की मांग
बालेन्दु प्रसाद ओझा ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह इंस्पेक्टर अपने पद पर तैनात हैं, तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, क्योंकि वे जांच को प्रभावित करने की पूरी क्षमता रखते हैं। उन्होंने मांग की है कि जांच से पहले इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, ताकि उनका और उनके सहयोगियों का जीवन सुरक्षित रह सके।
30 अप्रैल के बाद आत्मदाह का अल्टीमेटम
संगठन ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस मामले में विलंब हुआ और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मुख्यमंत्री के गोरखपुर प्रवास के दौरान अथवा चिल्लूपार विधायक के आवास पर आत्मदाह करने को विवश होंगे। बालेन्दु प्रसाद ओझा ने कहा कि इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विधायक की होगी।
जारीकर्ता:
बालेन्दु प्रसाद ओझा
महासचिव- उ•प्र•
एंटी करप्शन कोर “इंडिया”



