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लखनऊ पुलिस ने गैंगस्टर पर की बड़ी कार्रवाई, पांच करोड़ 78 लाख की चल-अचल संपत्ति कुर्क की

लखनऊ पुलिस ने गैंगस्टर पर की बड़ी कार्रवाई, पांच करोड़ 78 लाख की चल-अचल संपत्ति कुर्क की

गैंग लीडर प्रमोद कुमार उपाध्याय मोहनलालगंज क्षेत्र में ‘कान्हा उपवन’ नाम से प्लॉटिंग साइट संचालित करता था। इस साइट के जरिए भोले-भाले ग्राहकों को सस्ते और आकर्षक प्लॉट का लालच देकर फंसाया जाता था।

अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बृहस्पतिवार को मोहनलालगंज और नगराम पुलिस ने राजस्व टीम के साथ मिलकर बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट में नामजद आरोपियों की करीब पांच करोड़ अठत्तर लाख साठ हजार बीस रूपये की संपत्ति कुर्क कर ली। मोहनलालगंज पुलिस, नगराम पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गैंगस्टर एक्ट की के तहत गैंग लीडर प्रमोद कुमार उपाध्याय और उसके गिरोह की चल व अचल संपत्तियों को कुर्क किया।

जांच में सामने आया है कि गैंग लीडर प्रमोद कुमार उपाध्याय मोहनलालगंज क्षेत्र में ‘कान्हा उपवन’ नाम से प्लॉटिंग साइट संचालित करता था। इस साइट के जरिए भोले-भाले ग्राहकों को सस्ते और आकर्षक प्लॉट का लालच देकर फंसाया जाता था। गिरोह फर्जी कागजात तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री कर देता और इसके बाद ग्राहकों से लिया गया पैसा हड़प लिया जाता था। इतना ही नहीं, जब कोई पीड़ित अपना पैसा वापस मांगने पहुंचता तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। आरोप है कि असलहों के बल पर लोगों को डराकर भगा दिया जाता था। इस गिरोह ने इसी तरीके से सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।

गैंग बनाकर करते थे संगठित अपराधएसीपी विकास पांडेय ने बताया कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपराध करते थे। यह गिरोह खुद को रियल एस्टेट कंपनी का प्रतिनिधि बताकर विवादित या फर्जी जमीन दिखाता था। खास बात यह है कि सेना और अर्द्धसैनिक बलों के कर्मचारियों को भी निशाना बनाया जाता था।

वर्ष 2020 से अब तक इनके खिलाफ मोहनलालगंज, पीजीआई, सरोजनीनगर, कैंट और आशियाना थानों में कुल 66 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले भी शामिल हैं। मोहनलालगंज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में गैंग लीडर प्रमोद कुमार उपाध्याय, उसके भाई विनोद कुमार उपाध्याय, मदन राम, ओंकारनाथ पाण्डेय और सीमा उपाध्याय को नामजद किया है। सभी का मूल निवास बलिया जनपद बताया जा रहा है, जबकि वर्तमान में यह लोग लखनऊ के ओमेक्स सिटी, बिजनौर क्षेत्र में रहकर गिरोह संचालित कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ओमेक्स सिटी स्थित प्लॉट संख्या A-21/I-21 और अर्धनिर्मित मकान को कुर्क किया। इसके अलावा टोयोटा इनोवा, मारुति स्विफ्ट और महिंद्रा बोलेरो समेत तीन वाहन भी जब्त किए गए।

इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे गिरोहों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई से जहां अपराधियों में खौफ व्याप्त है, वहीं पीड़ितों में न्याय की उम्मीद भी जगी है।

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