गाजीपुर : आंगनवाड़ी के नाम पर साइबर अपराधियों ने किया फ्राड

गाजीपुर
आंगनवाड़ी के नाम पर साइबर अपराधियों ने किया फ्राड
गाजीपुर। साइबर अपराधियों ने भोली भाली ग्रामीण जनता को बेवकूफ बनाकर उनसे उनके शिशु के नाम पर धन उगाही करने की नई चाल चली है। साइबर अपराधियों के झांसे में आई एक महिला ने फोन करने वाले पर भरोसा करते हुए अपना अकाउंट नंबर की जानकारी दी तो उसके खाते की धनराज फोन करने वाले ने उड़ा लिया जबकि दूसरे शिशु के पिता की सजगता से साइबर अपराधियों को अपना मोबाइल स्विच ऑफ करना पड़ा। बताया गया कि शुक्रवार की शाम करीब पौने छह बजे मनिहारी क्षेत्र के छपरी गांव के एक युवक के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। मोबाइल पर कालर का नाम शिवानंद कुमार गोस्वामी और मोबाइल नं +91 92793 70466 दर्शाया गया था। फोन रिसीव करने पर उसने बताया कि वह आंगनबाड़ी केंद्र मनिहारी से बात कर रहा है और मेरा नाम और मेरी पत्नी का नाम बताते हुए मेरे बच्चे की उम्र बता कर उसका नाम पूछा। मेरे नाम बताने के बाद पूछा कि क्या आप को समय से राशन मिल रहा है। मेरी सहमति के बाद उसने बताया कि पत्नी का अकाउंट वेरिफाइड नहीं दिख रहा है। क्या आप उसे कन्फर्म करेंगे कि आप ने किसका एकाउंट दिया था?
इस पर शिशु के पिता ने कहा मुझे याद नहीं कि क्या अकाउंट नंबर दिया गया है तो उसने कहा कि आप यू.पी.आई. नंबर दे दीजिए जिसपर आप की पत्नी के अकाउंट में लगभग साढ़े छः हजार रुपए डाले जाएंगे। इस पर मैंने बताया कि मुझे नंबर याद नहीं है तो क्या मैं किसी और का नंबर दे सकता हूं ? तो उसने कहा कि किसी महिला का ही नंबर दीजियेगा तो मैने उससे थोड़ा समय मांगा और कहा कि जल्दी ही उसे कॉलबैक करके बताता हूं। इसके बाद उन्होंने अपने गांव की आंगनबाड़ी केंद्र संचालिका से सारी बात बता कर जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है और फिर उन्होंने अपने सुपरवाइजर से सम्पर्क कर बताया कि ये कोई फ्रॉड नंबर है ऐसी कोई सेवा सरकार की तरफ से नहीं है। अगर ऐसा होता तो आंगनबाड़ी के माध्यम से होता जबकि आप ने मुझे कोई अकाउंट नंबर नहीं दिया है। शिशु के पिता द्वारा उक्त जानकारी मीडिया को दी गई। जब मीडिया प्रतिनिधि ने उस मोबाइल नंबर पर वार्ता की कोशिश की तो वह नंबर पर कालर का नाम आंगनबाड़ी केंद्र डीएमओ आफिस दर्शाया गया और फोन व्यस्त पाया गया। कई बार वार्ता करने की कोशिश की गई तो कालर द्वारा अंत में स्विच ऑफ कर दिया गया।
इसके बाद गांव के आंगनवाड़ी केन्द्र से बताया गया कि ऐसे किसी भी नम्बर का भरोसा न करें और उन्हें अपनी कोई भी जानकारी न दें। पता चला कि ऐसी ही एक घटना कुछ समय पूर्व ही हुई है और कालर ने शिशु की मां के खाते से धनराशि उड़ा ली है।



