गोरखपुर पुलिस का बड़ा संकल्प: ‘ऑपरेशन तलाश’ और बाल अपराधों पर प्रहार, अब कोई बच्चा नहीं रहेगा अपनों से दूर!

गोरखपुर पुलिस का बड़ा संकल्प: ‘ऑपरेशन तलाश’ और बाल अपराधों पर प्रहार, अब कोई बच्चा नहीं रहेगा अपनों से दूर!
एक्शन मोड में गोरखपुर पुलिस: SJPU और AHT की अहम बैठक, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी के लिए कसी कमर।
पिंकी बनाम यूपी राज्य केस के निर्देशों पर मंथन: गोरखपुर में बाल कल्याण और मानव तस्करी रोकने का मास्टर प्लान तैयार।
गोरखपुर | दिनांक: 24 मार्च, 2026
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के कुशल निर्देशन में आज जनपद में मासूमों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। पुलिस अधीक्षक (अपराध) और पुलिस उपाधीक्षक (अपराध) की अध्यक्षता में आयोजित SJPU (Special Juvenile Police Unit) एवं AHT (Anti-Human Trafficking) की इस मासिक बैठक में भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
📍 मुख्य बिंदु: मिशन ‘मुस्कान’ और कानूनी अनुपालन
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पिंकी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (Criminal Appeal NO. 1927/2025) में दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करना रहा। गृह सचिव (पुलिस) उ.प्र. शासन की बैठक के कार्यवृत्त के क्रम में पुलिस अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
गुमशुदा बच्चों की तलाश: थानों को निर्देशित किया गया कि गुमशुदा बच्चों की बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।
कानूनी जटिलताओं का समाधान: विवेचकों को पॉक्सो एक्ट (POCSO) और जे.जे. एक्ट (JJ Act) के तहत आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके कानूनी निस्तारण के गुर सिखाए गए।
सामाजिक बुराइयों पर वार: बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और मानव तस्करी (Human Trafficking) जैसे संगठित अपराधों को जड़ से मिटाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया गया।
🤝 अंतर्विभागीय समन्वय की मिसाल
इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य से जुड़े हर विभाग की सहभागिता रही। बैठक में एसपी अपराध श्री सुधीर जायसवाल, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष वंदना सिंह, श्रम विभाग से धीरज सिंह, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. राजेश कुमार, और SSB से सागर अहलवात सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में प्रभारी निरीक्षक (AHT) कमलेश कुमार और समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
”हमारा लक्ष्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि हर उस बच्चे को न्याय दिलाना है जो शोषण का शिकार है। गोरखपुर पुलिस बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।”



