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परकोटा के मंदिरों पर ध्वजारोहण की तैयारी तेज, रामनवमी मेले को लेकर ट्रस्ट की श्रद्धालुओं से अपील

परकोटा के मंदिरों पर ध्वजारोहण की तैयारी तेज, रामनवमी मेले को लेकर ट्रस्ट की श्रद्धालुओं से अपील

राम मंदिर में परकोटा के मंदिरों पर भी ध्वजारोहण की तैयारी तेज हो गई है। बैठक में इसके बारे में रणनीति बना ली गई है। इसके अलावा रामनवमी मेले को लेकर भी ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है।

यूपी के अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के परकोटा में स्थित पूरक मंदिरों के शिखरों पर ध्वजारोहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में शनिवार को मणिराम दास छावनी में आयोजित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में विस्तृत रूपरेखा तय की गई।

बैठक के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मुख्य शिखर और माता अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण के बाद अब परकोटा के शेष छह उप मंदिरों पर भी ध्वजारोहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इनमें भगवान सूर्य, माता भगवती, भगवान शिव, गणपति, शेषावतार और हनुमान जी के मंदिर शामिल हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि हनुमान जी मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण हनुमान जयंती (2 अप्रैल, चैत्र पूर्णिमा) के दिन प्रस्तावित है, जबकि अन्य पांच मंदिरों पर 22 से 31 मार्च के बीच अलग-अलग तिथियों में यह आयोजन संभावित है। सभी कार्यक्रम सादगीपूर्ण होंगे। सीमित संख्या में ही अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा।

उप मंदिर के ध्वजारोहण में ये लोग होंगे शामिल

तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रत्येक उप मंदिर के ध्वजारोहण में करीब 50 संत, विशिष्ट जन, साथ ही मंदिर निर्माण से जुड़े अभियंता और श्रमिक शामिल होंगे। इससे पहले मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण 25 नवंबर को नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा चुका है, जबकि हाल ही में ध्वज परिवर्तन भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। परकोटा स्थित माता अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण 31 दिसंबर को राजनाथ सिंह ने किया था।

बैठक में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, जगद्गुरु स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, महंत दिनेंद्र दास, सदस्य कृष्णमोहन, डॉ. अनिल मिश्र सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
रामनवमी मेले को लेकर श्रद्धालुओं से विशेष अपील
ट्रस्ट ने राम नवमी मेले के मद्देनजर श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। गर्मी और धूप से बचाव के लिए सफेद गमछा साथ रखने और नियमित रूप से सत्तू का सेवन करने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि श्रद्धालु आलू से बने तले-भुने खाद्य पदार्थों, खासकर समोसे से दूरी बनाए रखें, ताकि भीड़ और गर्मी के बीच स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से बचा जा सके।

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