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फर्जी जांच रिपोर्ट के जनक अधीक्षण अभियंता को 19 जिलों की कमान, अफसरों को भेजी थी फेक रिपोर्ट

फर्जी जांच रिपोर्ट के जनक अधीक्षण अभियंता को 19 जिलों की कमान, अफसरों को भेजी थी फेक रिपोर्ट

राजधानी में फर्जी जांच रिपोर्ट के जनक अधीक्षण अभियंता को 19 जिलों की कमान दी गई है। इसने अफसरों को फेक जांच रिपोर्ट भेजी थी। कार्रवाई के बजाय अनूप को 19 जिलों की कमान मिलने से हर कोई अचंभित है।

राजधानी लखनऊ में प्रबंधन ने अधीक्षण अभियंता अनूप कुमार सिन्हा को सबसे कमाई वाली इकाई के 19 जिलों की कमान सौंप दी है। अनूप ने बिजली चालू करने के नाम पर उद्यमी का उत्पीड़न करने वाले जूनियर इंजीनियर को बचाने के लिए फर्जी जांच रिपोर्ट भेजी थी। यह रिपोर्ट किसी छोटे अधिकारी को नहीं बल्कि पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक को भेजी गई थी। कार्रवाई के बजाय अनूप को 19 जिलों की कमान मिलने से हर कोई अचंभित है।
मध्यांचल निगम प्रबंधन ने अनूप कुमार को अमौसी ज़ोन के अधीक्षण अभियंता वाणिज्य के पद से तबादला करते हुए मध्यांचल निगम के अधीक्षण अभियंता विद्युत कार्यशाला मंडल के पद पर तैनाती कर दी है। हालांकि इस मामले की कमेटी ने जांच की है।

मध्यांचल निगम प्रबंधन ने 16 जनवरी को अधीक्षण अभियंताओं के तबादले किए हैं। अनूप कुमार सिन्हा को अधीक्षण अभियंता यतेंद्र कुमार से विद्युत कार्यशाला मंडल की जिम्मेदारी वापस लेकर उनको है। अब यतेंद्र कुमार के पास सामग्री प्रबंधन इकाई की जिम्मेदारी बची है।

अनूप कुमार की जगह पर अमौसी जोन में रायबरेली के मंडल प्रथम के प्रशांत कुमार सिंह को अधीक्षण अभियंता वाणिज्य बनाया गया। जबकि रायबरेली में प्रशांत कुमार सिंह के हटाए जाने के बाद खाली पद की जिम्मेदारी मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता अविनाश को सौंपी गई।

साथ ही, अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार सिंह का तबादला मध्यांचल निगम मुख्यालय से रायबरेली के प्रथम मंडल में किया गया था। लेकिन, बाद में इस आदेश को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही अधीक्षण अभियंता ललित कुमार को बलरामपुर के मंडल से हटाकर मध्यांचल निगम मुख्यालय में निर्देशक वाणिज्य से संबद्ध किया गया है।

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