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68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला: मंत्री-अधिकारियों ने भी माना, 8 साल से चप्पल घिस रहे अभ्यर्थी, डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल तूफान सिंह ने बताया कि 10 सितंबर को अभ्यर्थियों की बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से मुलाकात हुई थी

68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला: मंत्री-अधिकारियों ने भी माना, 8 साल से चप्पल घिस रहे अभ्यर्थी, डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन

लखनऊ। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती 2018 में आरक्षण घोटाले का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को बस में भरकर हिरासत में ले लिया।

‘मंत्री-अधिकारियों ने घोटाला माना’
प्रदर्शन में शामिल तूफान सिंह ने बताया कि 10 सितंबर को अभ्यर्थियों की बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से मुलाकात हुई थी। बैठक में दोनों विभागों के कई अधिकारी भी मौजूद थे।

तूफान सिंह के मुताबिक, बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों ने भी माना कि भर्ती में घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य पिछड़ा आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग भी इस मामले को मान चुके हैं। अब सरकार के मंत्री और अधिकारी भी इसे स्वीकार कर रहे हैं, इसके बावजूद अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं दी जा रही है।

‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं’
सीतापुर से आए आशुतोष वर्मा ने कहा कि हम पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है।

आशुतोष ने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। तब से लेकर आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं।

क्या है 5% छूट की मांग?
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इन चारों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया।

अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षा के पासिंग मार्क्स में 5% की छूट दी जाए। उनका कहना है कि 150 पूर्णांक वाली परीक्षा में 60 अंक यानी 40% अंक पर परिणाम संशोधित कर नई चयन सूची जारी की जाए।

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