स्मार्ट मीटर घोटाला: सपा का बिजली विभाग पर बड़ा हमला, CBI जांच की मांग; शब्बीर कुरैशी बोले- “यह बिजली का बिल नहीं, जनता पर डिजिटल डकैती है

स्मार्ट मीटर घोटाला: सपा का बिजली विभाग पर बड़ा हमला, CBI जांच की मांग; शब्बीर कुरैशी बोले- “यह बिजली का बिल नहीं, जनता पर डिजिटल डकैती है

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर चल रहे कथित “आर्थिक घोटाले” के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। गोरखपुर महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के नेतृत्व में सपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा है। पार्टी ने बिजली विभाग और निजी कंपनियों की मिलीभगत को जनता की जेब पर सीधा डाका करार दिया है।
“यह बिजली का बिल नहीं, डिजिटल डकैती है”
ज्ञापन सौंपने के दौरान महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि, “स्मार्ट मीटर के नाम पर प्रदेश की जनता का भयावह आर्थिक शोषण हो रहा है। बिना उपभोक्ता की सहमति के पोस्ट-पेड को प्रीपेड में बदलना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का सीधा उल्लंघन है।”
प्रमुख आरोप और ज्ञापन की मुख्य बातें:
आर्थिक शोषण: प्रदेश भर में लगभग 85 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं के बिल तीन से चार गुना तक बढ़ा दिए गए हैं।
मनमानी और लापरवाही: बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काटी जा रही है, और बिल जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को घंटों और दिनों तक अंधेरे में रहने पर मजबूर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के गढ़ में बदहाली: गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री का गृह जनपद है, वहां भी स्थिति चिंताजनक है। यहाँ 2.5 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर बदले गए हैं और आम जनता बिजली विभाग के अड़ियल और मनमाने रवैये से त्रस्त है।
सपा की दो-टूक मांग:
समाजवादी पार्टी ने राज्यपाल से स्पष्ट मांग की है कि इस पूरे “स्मार्ट मीटर घोटाले” की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, जनता पर जबरन थोपे गए प्रीपेड मीटर के फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
जन-आंदोलन की चेतावनी
महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस डिजिटल डकैती पर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रदेशव्यापी जन-आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद:
ज्ञापन सौंपने वालों में महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, नगीना प्रसाद साहनी, पूर्व प्रत्याशी श्रीमती काजल निषाद, जफर अमीन डक्कू, मनुरोजन यादव, रामललित यादव, रामजतन यादव, बृजनाथ मौर्य, सच्चिदानंद यादव, महेंद्र तिवारी, जितेंद्र श्रीवास्तव, लालजी भारती, मोहम्मद अख्तर, अनिल यादव, तारकेश्वर साहनी, आसिम जमाल, अछैवर कन्नौजिया, सन्तोष गौड़, लालमन यादव, कपिल मुनि यादव, रामबृक्ष मौर्य, राजेश यादव राजू, अरुण पासवान, विनोद यादव, अविनाश तिवारी, एजाज अंसारी, सेराजुद्दीन रहमानी, कृष्ण कुमार मौर्य, अभिषेक पांडे, गणेश पासवान, फिरदौस आलम, सत्यप्रकाश जायसवाल, सरिता सोनकर, रामनयन निषाद, अकबर कुरैशी, श्रवण कुमार, रवि जायसवाल, विवेक यादव, मनीष यादव, भीम यादव, अमित शर्मा, रमेश सोनकर, फहीम गुड्डू, आफताब अंसारी, मकसुदन मौर्य, मोहम्मद इमरान, राधेश्याम यादव, रोहित यादव, सतीश यादव, सुरेंद्र यादव, जयजीत यादव, ऋषभ चन्द गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।



