सलेमपुर बघाई : अगर सत्य को जानना चाहते हो तो सच्चे संत की शरण में आओ -महात्मा सत्यबोधानंद जी

अगर सत्य को जानना चाहते हो तो सच्चे संत की शरण में आओ -महात्मा सत्यबोधानंद जी
सलेमपुर बघाई, 25 अप्रैल।

अखिल भारतीय आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान और डॉ. संतोष कुमार यादव जी के सौजन्य से सलेमपुर बघाई में आयोजित सात दिवसीय ‘श्रीमद् भागवत सद्भावना सत्संग ज्ञानयज्ञ’ के छठवें दिन विभिन्न तीर्थं स्थलों से पधारे अनेक ज्ञानी संतों ने अपने-अपने सत्संग विचार रखें।
सच्चे संत की पहचान कैसे हो
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से पधारे मानव उत्थान सेवा समिति के केंद्रीय संगठन सचिव महात्मा सत्यबोधानंद जी ने सत्संग और संतों की महिमा पर विस्तार से सत्संग विचार रखें।
उन्होंने कहा कि ज़ब सच्चे संत मिलेंगे तभी भगवान को पहचान पाएंगे हम। सच्चे संत की शरण में आप आईये यही मंच पर बैठे सभी संत सदगुरुदेव भगवान की कृपा से आपके घट के अंदर भगवान का दर्शन कराएँगे।
भगवान बुद्ध की नगरी कुशीनगर से आई हुई पूज्य महात्मा प्रज्ञा बाई जी ने अपने सत्संग विचार में कहा कि हम बड़े सौभाग्यशाली है कि इतने संतों का दर्शन और सत्संग प्राप्त हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार अब बहुत जल्दी भगवान मिल जायेंगे।
भक्तों के बस में होते है भगवान:
सम्मेलन के छठवें दिन राजधानी दिल्ली से आये हुए महात्मा साधनानंद जी ने कहा कि ज़ब भक्त की भावना शुद्ध और प्रबल होती है, ज़ब भक्त भगवान को याद करता है तब भगवान को आना ही पड़ता है। क्योंकि भक्तों के बस में भगवान होते है।
श्रीमदभागवत सद्भावना सम्मेलन के छठवे दिन राय बरेली से पधारे पूज्य महात्मा तारिणी बाई जी ने सद्गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निराकार भगवान ही साकार रुपनमे आकर आध्यात्मिक ज्ञान द्वारा उस अविनाशी कण-कण में विधमान परमात्मा का दर्शन हमारे घट मन-मंदिर में कराते है।
विशेष
इस दौरान मंच पर फतेहपुर से महात्मा आत्मगीतानंद जी, अमेठी से महात्मा चंद्रकेशवानंद जी, लखीमपुर खीरी से महात्मा सत्यवती बाई जी, महात्मा कुंती बाई जी, प्रयागराज से महात्मा सुमना बाई जी, गाजीपुर से महात्मा दयावती बाई जी ने अपने आत्म कल्याणकारी प्रवचन से पांडाल में उपस्थित भक्तों को लाभान्वित किया।
हवन-पूजन व भंडारा:
यह सात दिवसीय ज्ञानयज्ञ के आज तीसरे दिन आरती पूजन व विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम को विश्राम किया गया। अनेक आचार्यजनों ने विधिवत मन्त्रोंच्चारण के साथ पूजन अर्चन किया। आयोजकों ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
अतिथि स्वागत:
श्री रामाश्रय सिंह यादव, श्री अनिरुद्ध सिंह जी सहित आसपास के अनेक सम्मानित लोग उपस्थित रहें। साथ ही साथ समिति के शाखा कार्यकर्ता व मानव सेवा दल के अनेक स्वयंसेवक सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहें।इस दौरान सुबह से शाम तक आचार्य सुनील पाण्डेय रेवती, आचार्य रजनीश उपाध्याय, पंडित अमन तिवारी, पंडित आशुतोष पाण्डेय, वेदाचार्य आशीष उपाध्याय, वेदविभूषण पंकज ओझा और गोलू मिश्रा ने वेद मन्त्रोंचारण के साथ विधिवत पूजा अर्चना की। मंचासीन सभी पूज्य संत-महात्मागणों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। आरती-प्रसाद के साथ कार्यक्रम को विश्राम किया गया। तत्पश्चात् भोजन-भंडारे का सभी ने लाभ उठाया। मंच संचालन डॉ. संतोष कुमार यादव जी ने किया।



