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राजधानी में सनसनीखेज वारदात, CRPF के सिपाही ने दो युवकों का सरकारी बोलेरो में किया अपहरण; छीने पांच लाख

राजधानी में सनसनीखेज वारदात, CRPF के सिपाही ने दो युवकों का सरकारी बोलेरो में किया अपहरण; छीने पांच लाख

लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में निवेश के नाम पर बुलाकर दो लोगों के कथित अपहरण और पांच लाख रुपये लूटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वारदात में एक केंद्रीय सुरक्षा बल का जवान और उसके साथी शामिल थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है।

पीजीआई के तेलीबाग स्थित वृंदावन कॉलोनी निवासी दिवाकर सिंह और उनके साथी अनूप शुक्ला को एक कंपनी में निवेश के बहाने चिनहट इलाके में बुलाकर बोलेरो और कार सवार सीआरपीएफ में तैनात एक सिपाही ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनका अपहरण कर लिया।

आरोप है कि असलहे के बल पर उनसे पांच लाख रुपये लूट लिए गए। विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट की गई और कुछ दूर ले जाकर उन्हें गाड़ी से उतारकर आरोपी फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात में एक आरोपी के लखनऊ पुलिस का सिपाही होने की बात भी सामने आई है। वारदात में पुलिस की गाड़ी के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। चिनहट पुलिस एफआईआर दर्ज कर कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

मूल रूप से उन्नाव के एबी नगर निवासी प्रभाकर सिंह ने बताया कि उनके भाई दिवाकर सिंह खेती करते हैं, जबकि उनके दोस्त अनूप शुक्ला प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। कुछ समय पहले अनूप की जान-पहचान आरोपी जयप्रकाश यादव से हुई थी, जो सीआरपीएफ कैंप बिजनौर में रहता है।

जयप्रकाश यादव और उसके कुछ साथियों ने अनूप व दिवाकर को एक कंपनी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया था। जयप्रकाश से बातचीत के बाद दोनों निवेश के लिए तैयार हो गए। जयप्रकाश ने 10 जून की दोपहर दोनों को रुपये लेकर चिनहट के कमता स्थित ग्लोबन इन नामक होटल के पास बुलाया।

दो गाड़ियों से आए आरोपी, पांच लाख रुपये लूटे

दिवाकर सिंह और अनूप शुक्ला आरोपियों द्वारा बताई गई जगह पर पहुंचे। इसी बीच पुलिस की सरकारी नंबर प्लेट लगी एक बोलेरो और एक बिना नंबर की कार से जयप्रकाश व उसके कुछ साथी वहां पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने दिवाकर और अनूप को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। दोनों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर असलहा तान दिया और मारपीट की। इसके बाद उनसे पांच लाख रुपये लूट लिए और कुछ दूरी पर गाड़ी से उतारकर फरार हो गए।

कुछ संदिग्ध पुलिस हिरासत में, पूछताछ जारी

आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद दिवाकर सिंह और अनूप शुक्ला भागकर होटल के पास खड़ी अपनी गाड़ी तक पहुंचे। उन्होंने प्रभाकर सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। प्रभाकर सिंह की तहरीर पर जयप्रकाश यादव, उसके एक साथी आनंद दुबे और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ चिनहट थाने में अपहरण, डकैती समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

पीड़ित ने पुलिस की सरकारी गाड़ी का नंबर भी बताया
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि वारदात में पुलिस की सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने गाड़ी का नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया है। आरोप है कि एक आरोपी लखनऊ पुलिस में तैनात सिपाही भी है। इस मामले में एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुटे ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

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