योगी बोले- पहले आंगनबाड़ी केंद्र शराब माफिया चलाता था: वाराणसी में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ, बोले- कार्यकर्त्रियां गाली खाती थीं

योगी बोले- पहले आंगनबाड़ी केंद्र शराब माफिया चलाता था: वाराणसी में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ, बोले- कार्यकर्त्रियां गाली खाती थीं
वाराणसी, 9 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व की सरकारों पर बड़ा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा, “2017 में जब मैं आया तो मैंने पूछा कि आखिर आंगनबाड़ी केंद्रों की इतनी खराब स्थिति क्यों है? शिकायतें क्यों आती हैं? तब पता चला कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर जो पोषाहार जा रहा था, उसकी सप्लाई उत्तर प्रदेश का एक शराब माफिया करता था।”
योगी ने कहा कि यह सुनकर वह भौंचक्का रह गए। “हमने पोषाहार की गुणवत्ता की जांच कराई तो उस पर भी सवाल खड़े हुए। मैंने पूछा कि क्या वह हर महीने पोषाहार भेजता है? जवाब मिला- अरे नहीं साहब, वह तो तीन महीने में एक बार भेज दे तो भेज दे, नहीं तो सब भगवान भरोसे है।”
उन्होंने कहा कि पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को लाचारी दिखती थी और वे गालियां खाती थीं। यह लाचारी उस समय के सिस्टम की वजह से थी।
नवजात बच्चों का अन्नप्राशन, बेटियों को गोद में लेकर खिलाई खीर
इससे पहले सीएम योगी ने मंच पर नवजात बच्चों का अन्नप्राशन कराया। बेटियों को गोद में उठाकर खीर खिलाई और खिलौने दिए। राधा-कृष्ण की वेशभूषा में आए बच्चों को देखकर सीएम ने उन्हें दुलार किया। सीएम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काउंटर पर भी पहुंचे और उनके कामकाज, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के साथ मिलकर तैयार उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सावित्री ठाकुर और यूपी सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्य भी मौजूद रहीं।
गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या से किया संवाद
सीएम ने ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु और गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। गोरखपुर की कार्यकर्ता संध्या से सीएम ने पूछा- केंद्र पर आने वाले अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए आपने क्या प्रयास किए?
संध्या ने बताया- “हमने बच्चों की लंबाई और वजन मापा। रोज उनकी लंबाई और वजन नापे। बच्चों को साफ-सुथरा और पौष्टिक आहार दिया। बच्चों की माताओं से भी मिलीं। उन्हें बताया कि घर में पौष्टिक भोजन बनाएं, खिचड़ी में पालक और गाजर डालें और बच्चों को मौसमी फल-सब्जियां दें।”
सीएम ने पूछा- टेक होम राशन से बच्चों को क्या लाभ मिला? संध्या ने बताया- “शुरुआत में कुछ लोगों ने शिकायत की, फिर मैंने महिलाओं को समझाया कि सरकार बच्चों की उम्र के हिसाब से खाने में चीनी और नमक का अनुपात रख रही है।”
सीएम ने कहा- आंगनबाड़ी हमारी नींव है। संध्या ने संदेश दिया कि बच्चों की माताओं को बुलाकर उन्हें उम्र के हिसाब से डाइट के बारे में समझाएं।



