मेदांता लखनऊ ने गोरखपुर में सी.एम.ई. कार्यक्रम के जरिए डॉक्टरों से आधुनिक चिकित्सा पर संवाद

मेदांता लखनऊ ने गोरखपुर में सी.एम.ई. कार्यक्रम के जरिए डॉक्टरों से आधुनिक चिकित्सा पर संवाद
– नई तकनीकों और कैंसर उपचार पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
– मेडिकल शिक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल
गोरखपुर, 25 अप्रैल, 2026: मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ ने एनएच एंड जीपी एसोसिएशन, गोरखपुर के सहयोग से गोरखपुर में एक सी.एम.ई. कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र के डॉक्टरों के साथ आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, नई तकनीकों और उपचार के बदलते स्वरूप पर सार्थक चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम में मेदांता लखनऊ के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। मेदांता हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर एवं डायरेक्टर, यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी, डॉ. राकेश कपूर ने मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों और मरीज़ों पर केंद्रित सोच के साथ हर मरीज़ को बेहतर और भरोसेमंद इलाज देने पर खास ध्यान दिया जाता है।
डॉ. राकेश कपूर ने कहा, “हमारी कोशिश सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि हम चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव को साझा कर पूरे स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाना चाहते हैं। ऐसे सी.एम.ई. कार्यक्रम डॉक्टरों के बीच संवाद बढ़ाते हैं और अंततः मरीजों को बेहतर इलाज का लाभ मिलता है।”
इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार वर्मा, डायरेक्टर, जीआई सर्जरी, जीआई ऑन्कोलॉजी एवं बैरियाट्रिक सर्जरी ने जीआई सर्जरी में रोबोटिक तकनीकों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं डॉ. अभिषेक सिंह, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हीमेटो ऑन्कोलॉजी ने पर्सनलाइज्ड कैंसर केयर और प्रिसीजन ऑन्कोलॉजी के भविष्य पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में गोरखपुर के कई वरिष्ठ चिकित्सकों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिसमें जीपी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. वजाहत करीम, सचिव डॉ. एस. पी. अग्रवाल और साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ. पी. सी. शाही के साथ ही यूपीएनएच एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र राय, सचिव डॉ. अजय शुक्ला और साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ. राजेश पांडेय शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि चिकित्सा क्षेत्र में नई जानकारी और अनुभवों का आदान-प्रदान लगातार होता रहे।



