मानवता की मिसाल: कैंसर और धूम्रपान के खिलाफ दिव्यांगजनों को किया जागरूक, हीट वेव से बचाव के लिए बांटे छाते

मानवता की मिसाल: कैंसर और धूम्रपान के खिलाफ दिव्यांगजनों को किया जागरूक, हीट वेव से बचाव के लिए बांटे छाते

गोरखपुर, 31 मई। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर आज महानगर में एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील पहल देखने को मिली। प्रख्यात शिक्षक एवं सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र ओझा के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को तम्बाकू और धूम्रपान के जानलेवा खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जानलेवा बीमारियों के प्रति किया सचेत
कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेंद्र ओझा ने उपस्थित लोगों को तम्बाकू के सेवन से होने वाली गंभीर और लाइलाज बीमारियों के प्रति सचेत किया। उन्होंने बताया कि धूम्रपान और तम्बाकू से मुंह, गले, होंठ और फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग और रक्त नलिकाओं के क्षतिग्रस्त होने जैसी घातक कड़ियां जुड़ी हैं। इसके साथ ही उन्होंने गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे शिशुओं पर तम्बाकू के दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान दिव्यांगजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से संबंधित जानकारी वाले हैंडबिल (पर्चे) भी वितरित किए गए।
जीवन रक्षा का संकल्प: >
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रभावी क्षण वह रहा, जब ज्ञानेंद्र ओझा की अपील पर वहां मौजूद सभी दिव्यांगजनों ने जीवन भर धूम्रपान और तम्बाकू से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करने की सामूहिक शपथ ली।
भीषण गर्मी में दिव्यांगजनों को मिला ‘सम्मान का सुरक्षा कवच’
जागरूकता अभियान के साथ-साथ सामाजिक सरोकार निभाते हुए ज्ञानेंद्र ओझा ने वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी (हीट वेव) को देखते हुए दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित दिव्यांगजन राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य उमेश चंद्र किरन सहित लक्ष्मी प्रजापति, भरत लाल, नंदकिशोर, अरविंद गुप्ता, ज्योति कुमारी, छाया प्रजापति और महेश कुमार को धूप से बचाव के लिए छाता, अंगोछा और एक विशेष स्वास्थ्य किट भेंट की गई।
इनका रहा सराहनीय सहयोग
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में रेड क्रॉस के आजीवन सदस्य विनय कुमार पाठक, शिखा पांडेय, संजीव कुमार राय, महेंद्र प्रताप पांडेय और आदित्य निगम आदि ने कंधे से कंधा मिलाकर अपना उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया।



