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दुल्लहपुर/जखनियां (गाजीपुर) : मजदूर दिवस पर जखनियां में गर्जें श्रमिक: 12 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

मजदूर दिवस पर जखनियां में गर्जें श्रमिक: 12 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

दुल्लहपुर/जखनियां (गाजीपुर):

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आज जखनियां तहसील मुख्यालय नारों और झंडों से गूंज उठा। उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले सैकड़ों श्रमिकों ने अपनी आवाज बुलंद की। यूनियन के अध्यक्ष राम अवध मास्टर के नेतृत्व में दर्जनों महिला और पुरुष मजदूरों ने जखनियां रेलवे स्टेशन से एक विशाल जुलूस निकाला, जो प्रदर्शन करते हुए तहसील मुख्यालय पहुँचा।

चार घंटे चला धरना, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर तहसील परिसर में लगभग चार घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति, राज्यपाल और जिलाधिकारी को संबोधित 12 सूत्रीय मांग पत्र उप जिलाधिकारी (SDM) को सौंपा गया।

प्रमुख नेताओं के तीखे प्रहार

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता विजय बहादुर सिंह ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:

“वर्तमान सरकार केवल कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुँचाने के लिए काम कर रही है। आज भी गांवों में भूमिहीन लोगों के पास खेती तो दूर, घर बनाने तक की जमीन नहीं है, जबकि बेशकीमती जमीनों पर बड़े उद्योगपतियों का कब्जा है।”

प्रमुख मांगें:

लेबर कोड: चार नए लेबर कानूनों को रद्द कर पुराने 29 मजदूर कानूनों को बहाल किया जाए।

दमन पर रोक: मजदूर आंदोलनों का दमन बंद हो और गिरफ्तार मजदूर नेताओं व पत्रकारों को तुरंत रिहा किया जाए।

न्यूनतम मजदूरी: असंगठित क्षेत्र के मजदूरों (भट्ठा, कृषि, कारखाना) का श्रम कार्ड बने और न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 लागू की जाए।

पक्की नौकरी: आंगनबाड़ी, शिक्षा मित्र और संविदा कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले।

रिक्त पद: देश में खाली पड़े करोड़ों सरकारी पदों को तत्काल भरा जाए।

दलित और वनवासी समाज की उपेक्षा पर आक्रोश

यूनियन के मंत्री वीरेंद्र गौतम ने महादलित और वनवासी समाज की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पूर्व में जिलाधिकारी को आवेदन देने के बावजूद जखनियां क्षेत्र के वनवासी समुदाय को जमीन का पट्टा आवंटित करने का मामला आज भी अधर में लटका हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि भूमिहीनों को तत्काल पट्टा आवंटित किया जाए।

प्रदर्शन में ये रहे शामिल

इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में मुख्य रूप से सामू राम, राम अवध, पिंटू, पूनम, संजय विश्वकर्मा, सुरेन्द्र भारती, उमराव (पूर्व प्रधान), राजनाथ, सोनी, तारा समेत सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के मजदूर और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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