तीन वर्ष पूर्ण होने पर महापौर ने किया प्रेस वार्ता गिनाई उपलब्धियां

तीन वर्ष पूर्ण होने पर महापौर ने किया प्रेस वार्ता गिनाई उपलब्धियां
गोरखपुर में महापौर डाक्टर मंगलेश श्रीवास्तव के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे हुए पर नगर निगम के सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने सड़क, पेयजल, जलनिकासी, स्वच्छता और नगरीय सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मूर्त रूप देकर गोरखपुर को आधुनिक शहरी विकास के नक्शे पर नई पहचान मिली है।इन तीन वर्षों में नगर निगम को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 9 राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। स्वच्छता, जल संरक्षण, वायु गुणवत्ता सुधार, स्ट्रीट वेंडर्स के उत्थान और अर्बन फ्लड मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में गोरखपुर मॉडल को देशभर में सराहा गया है।जल शोधन और अर्बन फ्लड मैनेजमेंट बना मिसाल
गोरखपुर नगर निगम ने तकियाघाट पर फाइटोरेमेडिएशन तकनीक से प्राकृतिक जल शोधन का अभिनव मॉडल विकसित किया है। पहले महानगर का प्रदूषित पानी 15 नालों के माध्यम से सीधे राप्ती और रोहिन नदियों में गिरता था। अब 7 नालों का पानी एसटीपी के जरिए शोधित किया जा रहा है जबकि शेष 8 नालों के लगभग 15 एमएलडी जल का प्राकृतिक विधि से शोधन कराया जा रहा है। इस मॉडल की प्रस्तुति राष्ट्रीय स्तर पर हो चुकी है और इसे अन्य शहरों के लिए अनुकरणीय माना गया है।इसी तरह नगर निगम द्वारा विकसित अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत अर्ली वार्निंग सिस्टम और ऑटोमेटिक पंपिंग स्टेशन को नीति आयोग तक से सराहना मिली है। इसके लिए वर्ष 2025 में ग्लोबल वाटर टेक अवार्ड भी प्राप्त हुआ।वेस्ट टू वेल्थ और ईको पार्क बना आकर्षण
कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में भी नगर निगम ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सुथनी में 40 एकड़ भूमि पर इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिटी का निर्माण अंतिम चरण में है। यह परियोजना भविष्य में ऊर्जा उत्पादन का भी माध्यम बनेगी।एकला बांध पर वर्षों से जमा कूड़े के पहाड़ को वैज्ञानिक तरीके से समाप्त कर वहां राप्ती ईको पार्क विकसित किया गया है, जो अब लोगों के लिए प्राकृतिक पिकनिक स्पॉट बन चुका है।आधारभूत सुविधाओं पर हजारों करोड़ का निवेश
गत तीन वर्षों में नगर निगम ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सैकड़ों सड़क, नाली, पेयजल और जलनिकासी परियोजनाओं को पूरा किया या स्वीकृति दिलाई।गोवंश संरक्षण और पशु प्रबंधन पर भी ध्यान
ताल नदौर में 2000 गोवंश क्षमता वाली कान्हा गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं गुलहरिया में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर और गैस आधारित पशु शवदाह गृह का निर्माण भी कराया गया है।वही गोरखपुर नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में गार्बेज फ्री सिटी फाइव स्टार रैंकिंग, वाटर सर्टिफिकेशन और सफाई मित्र सुरक्षित शहर में तीसरी रैंक जैसे कई बड़े सम्मान प्राप्त हुए हैं। पीएम स्वनिधि योजना में छोटे कारोबारियों को ऋण वितरण के लिए भी राज्य स्तर पर पुरस्कार मिला है।नगर निगम की उपलब्धियों ने यह साबित किया है कि गोरखपुर अब सिर्फ पूर्वांचल का प्रमुख शहर नहीं बल्कि देश के लिए शहरी विकास और नवाचार का एक सफल मॉडल बन चुका है।



