
डीएम ने बच्चों को पढ़ाकर परखा शैक्षिक स्तर, चॉकलेट देकर बढ़ाया उत्साह
उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेषरगंज का किया आकस्मिक निरीक्षण, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए शिक्षकों को दिए निर्देश
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शनिवार को शहरी क्षेत्र स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेषरगंज का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में बच्चों को पढ़ाकर उनके शैक्षिक स्तर, समझने की क्षमता और बौद्धिक विकास का आकलन किया। बच्चों से विभिन्न प्रश्न पूछे और उनके उत्तरों के माध्यम से पढ़ाई की स्थिति को परखा। बच्चों की प्रतिभा और प्रश्नों के जवाब देने की क्षमता से प्रभावित होकर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी पढ़ाई और सीखने की क्षमता को समझने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों से कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे और उनके उत्तरों को सुना। बच्चों के उत्साह और प्रतिभा को देखते हुए उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया।जिलाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे निपुण भारत मिशन के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए बच्चों की पढ़ने, लिखने, समझने और सीखने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।उन्होंने शिक्षकों से कहा कि कक्षा में शिक्षण कार्य इस प्रकार किया जाए, जिससे प्रत्येक बच्चा विषयों को आसानी से समझ सके और अपनी शैक्षिक दक्षताओं में सुधार कर सके। बच्चों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वे पढ़ाए गए विषयों को सही ढंग से समझ रहे हैं।जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों की शैक्षिक प्रगति का नियमित आकलन किया जाए। जिन बच्चों को पढ़ाई में अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है, उन्हें चिह्नित कर विशेष ध्यान दिया जाए। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त अभ्यास और मार्गदर्शन के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता में सुधार लाया जाए।उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक बच्चे को निर्धारित शैक्षिक दक्षताएं हासिल कराने के लिए शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से कार्य करें। विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए नियमित मूल्यांकन और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाना जरूरी है।निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर, नायब तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता का जायजा लेना और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना रहा।



