एयर शो के मद्देनजर गाजीपुर में 28 अक्टूबर तक नो-फ्लाइंग जोन, ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध
जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जारी किया आदेश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

एयर शो के मद्देनजर गाजीपुर में 28 अक्टूबर तक नो-फ्लाइंग जोन, ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध
जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जारी किया आदेश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
गाजीपुर। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित होने वाले हवाई प्रदर्शन (एयर शो) को देखते हुए गाजीपुर जनपद के संपूर्ण सीमा क्षेत्र को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनसुरक्षा, लोक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, जनपद में 24 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक ड्रोन सहित विभिन्न प्रकार के हल्के और मानव रहित उड़ान यंत्रों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना का हवाई प्रदर्शन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में लगभग 100 विमानों के उड़ान भरने की जानकारी दी गई है। विमानों की उड़ान गतिविधियों को देखते हुए गाजीपुर सहित आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।विज्ञप्ति में बताया गया है कि एयर शो से संबंधित एएफडीएडी-2026 में भाग लेने के लिए 15 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक चिनूक, अपाचे और एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टरों को गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी पर तैनात किया जाना निर्धारित है। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने अनधिकृत उड़ान गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।जिलाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अधिसूचित अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम रूल्स, 2021 के प्रावधानों के आलोक में यह आदेश जारी किया है।आदेश के तहत निर्धारित अवधि में जनपद की सीमा के भीतर ड्रोन, मानव रहित विमान (यूएवी), पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट तथा अन्य हल्के अथवा मानव रहित उड़ान यंत्रों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक आवश्यकताओं के मद्देनजर सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से अधिकृत एजेंसियों को छूट दी जा सकेगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 24 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।



