जखनियां (गाजीपुर) : जखनियां रेलवे स्टेशन के विकास की मांग तेज, मातृभूमि जखनियां संगठन ने राज्यसभा सांसद को सौंपा छह सूत्रीय ज्ञापन

जखनियां रेलवे स्टेशन के विकास की मांग तेज, मातृभूमि जखनियां संगठन ने राज्यसभा सांसद को सौंपा छह सूत्रीय ज्ञापन
अंडरपास, फुटओवर ब्रिज, रैंप, प्लेटफॉर्म सुविधाएं और ट्रेनों के विस्तार की उठी मांग; सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने रेलवे बोर्ड की बैठक में मुद्दा उठाने का दिया आश्वासन।

जखनियां (गाजीपुर)। जखनियां रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं आधारभूत ढांचे के विकास की मांग को लेकर मातृभूमि जखनियां संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को संगठन के संरक्षक नीरज सिंह ‘अजेय’ के नेतृत्व में गाजीपुर की राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए स्टेशन पर लंबे समय से लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।संगठन ने मांग की कि जखनियां बाजार रेलवे लाइन के कारण दो हिस्सों में बंटा हुआ है, इसलिए स्टेशन के उत्तरी छोर पर स्थित पुरानी केबिन के पास आमजन की सुविधा के लिए अंडरपास अथवा फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाए।
इसके अलावा स्टेशन पर निर्मित एक प्लेटफॉर्म ग्रिल लगाए जाने के कारण अनुपयोगी हो गया है, जिससे यात्रियों की अक्सर ट्रेन छूट जाती है। संगठन ने इस प्लेटफॉर्म को पुनः उपयोग में लाने की मांग भी उठाई।ज्ञापन में प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर यात्रियों के बैठने के लिए टीन शेड, छायादार वृक्षारोपण तथा दिव्यांग एवं गर्भवती महिलाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक सुगम आवागमन हेतु रैंप निर्माण की मांग की गई। साथ ही ट्रेन संख्या 55101-02 मऊ–छपरा कचहरी पैसेंजर का विस्तार वाराणसी सिटी स्टेशन तक करने तथा पूर्व में संचालित मऊ–लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन पुनः शुरू कराने की भी मांग रखी गई।
राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि रेलवे बोर्ड की अगली बैठक में वह इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगी और जखनियां रेलवे स्टेशन के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के संरक्षक नीरज सिंह ‘अजेय’ के साथ अश्विनी सिंह, अजय सिंह ‘रिंकू’, मुकेश मौर्य, गंभीर यादव, वेद प्रकाश पाण्डेय, विवेक वर्मा, विजय वर्मा, मेवालाल यादव सहित संगठन के अनेक सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



