गोरखपुर: पुलिस और लेखपाल पर दबंगों से मिलकर सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कराने का आरोप, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

गोरखपुर: पुलिस और लेखपाल पर दबंगों से मिलकर सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कराने का आरोप, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार
गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी मजनू के इंचार्ज, सिपाही और स्थानीय लेखपाल पर दबंगों के साथ साठगांठ कर एक सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर पीड़िता ने आलाधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिलुआताल थाने के अंतर्गत गौरा खास (तप्पा गौरा, परगना हवेली, तहसील सदर) की निवासी मुनव्वका देवी (पत्नी रामपलट) का रास्ते को लेकर बगल के गाँव गोविंदपुर के निवासी रामसरन और शेषबरन (पुत्रगण मिट्ठू) से विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर दीवानी न्यायालय में मुकदमा नंबर 1772/25 (रामसरन वगैरह बनाम रामपलट वगैरह) भी विचाराधीन है।पुलिस और लेखपाल पर संगीन आरोप
पीड़िता मुनव्वका देवी का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद विपक्षी रामसरन और शेषबरन ने दबंगई दिखाते हुए पहले उनके सहन पर कब्जा करने की कोशिश की। जब वे इसमें असफल रहे, तो उन्होंने लेखपाल विवेक सिंह, मजनू चौकी इंचार्ज चंदन नारायण, एसआई अंकित सिंह और सिपाही आकाश जायसवाल, सचिन कुमार, संजय कुमार व कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों को मौके पर बुला लिया।
आरोप है कि इन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गोविंदपुर के सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कराने का प्रयास किया गया, जिसका वीडियो भी मौजूद है। इस रास्ते के बंद होने से गोविंदपुर के अन्य निवासियों का मार्ग भी पूरी तरह अवरुद्ध हो जाएगा।
जातिसूचक गालियाँ और घर गिराने की धमकी
पीड़िता ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि जब उन्होंने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो लेखपाल, चौकी इंचार्ज और उनके साथ आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें जातिसूचक गालियाँ दीं और लात-घूंसों से मारपीट कर भगा दिया। इतना ही नहीं, पीड़िता को झूठे मुकदमे में फंसाने, सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल भेजने और उनका मकान गिराने की धमकी भी दी जा रही है। अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर कहा गया कि उनका मकान आबादी में बना हुआ है और ज्यादा विरोध करने पर उसे गिरा दिया जाएगा।पहले भी हो चुका है प्रयास
प्रार्थना पत्र के अनुसार, इससे पूर्व में भी हल्का लेखपाल रजनीश वर्मा और थाने के तीन-चार सिपाहियों ने मिलकर दबंगों के साथ साठगांठ कर कब्जा कराने का प्रयास किया था। पीड़िता इस संबंध में पहले भी जिलाधिकारी (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) गोरखपुर जोन और गोरखपुर मंडल के आयुक्त (Commissioner) को प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं।
कड़ी कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि रामसरन और शेषबरन को सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा करने से तुरंत रोका जाए। साथ ही, पद का दुरुपयोग करने वाले लेखपाल, चौकी इंचार्ज और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



