गोरखपुर की छात्राओं ने तैयार की ‘AI सोलर सोल्जर सेफ्टी राखी’, बॉर्डर पर जवानों का बनेगी सुरक्षा कवच

गोरखपुर की छात्राओं ने तैयार की ‘AI सोलर सोल्जर सेफ्टी राखी’, बॉर्डर पर जवानों का बनेगी सुरक्षा कवच

गोरखपुर। इस रक्षाबंधन पर गोरखपुर स्थित आईटीएम गीडा (ITM GIDA) की छात्राओं ने देश के वीर जवानों के लिए एक अनोखी सौगात तैयार की है। संस्थान की बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (द्वितीय वर्ष) की छात्रा मुश्कान सिंह और अंशिका पासवान, तथा पॉलीटेक्निक (द्वितीय वर्ष) की छात्रा रुचि त्रिपाठी ने मिलकर ‘AI सोलर सोल्जर सेफ्टी राखी’ का प्रोटोटाइप बनाया है। दिखने में यह आम राखी जैसी है, लेकिन बॉर्डर पर युद्ध के दौरान यह सैनिकों की सुरक्षा में बेहद मददगार साबित हो सकती है।
3 महीने की मेहनत और मेक इन इंडिया की मिसाल
इस मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को तैयार करने में छात्राओं को 3 महीने का समय लगा और लगभग 1 लाख रुपये की लागत आई है। रुचि त्रिपाठी के अनुसार, इस प्रोटोटाइप को बनाने के लिए 2.1 इंच डिस्प्ले,ट्रांसमीटर-रिसीवर, ब्लूटूथ मॉड्यूल, गियर ट्रिगर, मेटल गन मॉडल, माइक और 3.7 वोल्ट बैटरी जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है।
सैटेलाइट डिस्प्ले व कॉलिंग: बिना मोबाइल नेटवर्क के भी जवान इसके सैटेलाइट डिस्प्ले के जरिए वॉकी-टॉकी की तरह ऑडियो-वीडियो कॉल से एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं।
यह 3.7 वोल्ट सोलर पावर से चार्ज होती है। बिना बिजली के भी इसमें मौजूद सेल्फ-चार्जिंग सिस्टम की मदद से इसे कहीं भी आसानी से चार्ज किया जा सकता है।
संकट के समय जवान 2 किलोमीटर दूर से ही राखी में लगे डिस्प्ले कैमरे की मदद से दुश्मनों पर गोलियां दाग सकेंगे।
हल्का वजन: इस प्रोटोटाइप राखी का कुल वजन महज 70 ग्राम के करीब है।
छात्राओं के इस नवाचार की सराहना करते हुए आईटीएम गीडा के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने कहा कि देश की सेवा के प्रति यह सोच सराहनीय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तकनीक को पेटेंट कराने के लिए संस्थान के इनोवेशन सेल से हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।



