गुरुग्राम : गिरनार फाउंडेशन ने ‘सो टू ग्रो’ पहल का तीसरा संस्करण आयोजित किया,

रिपोर्टर इंडिया नाउ 24 सुरेंद्र गुरुग्राम
गिरनार फाउंडेशन ने ‘सो टू ग्रो’ पहल का तीसरा संस्करण आयोजित किया,
इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन के लिए 67,000 सीड बॉल्स तैयार कर वितरित किए
कर्मचारियों की भागीदारी और सामुदायिक सहयोग से 67,000 सीड बॉल्स तैयार कर वितरित किए गए
यह पहल सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति गिरनार फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है
संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) 11 और 13 के अनुरूप

गुरुग्राम, अगस्त 20, 2026: कारदेखो ग्रुप की सीएसआर इकाई, गिरनार फाउंडेशन ने अपनी वार्षिक ‘सो टू ग्रो’ पहल के तीसरे संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। इस पहल के माध्यम से फाउंडेशन ने सामूहिक प्रयासों के जरिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन को बढ़ावा देने, हरित आवरण में वृद्धि करने और पर्यावरण संरक्षण में समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित इस एक महीने की गतिविधि के तहत गुरुग्राम और जयपुर में कर्मचारियों, छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों, एनजीओ, सरकारी निकायों और पर्यावरण सहयोगियों की संयुक्त भागीदारी से 67,000 सीड बॉल्स तैयार कर वितरित किए गए।गिरनार फाउंडेशन ने ‘सो टू ग्रो’ पहल का तीसरा संस्करण आयोजित किया, इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन के लिए 67,000 सीड बॉल्स तैयार कर वितरित किए
कारदेखो ग्रुप के कर्मचारियों ने सीड बॉल्स बनाने और उनके वितरण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के साथ इस पहल को आगे बढ़ाया। कार्यक्रम के तहत उदयन केयर सहित विभिन्न संस्थानों के सहयोग से सीड बॉल्स बनाने की कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में युवा बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उनमें कम उम्र से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी की भावना विकसित हुई।
पहल के अगले चरण में चिन्हित वन क्षेत्रों और हरित स्थानों में बड़े पैमाने पर सीड बॉल्स वितरित करने के अभियान चलाए गए। इन अभियानों को हरियाणा के वन विभाग, सेव अरावली ट्रस्ट और स्थानीय सामुदायिक भागीदारों के सहयोग से सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इस सहयोगात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से ‘सो टू ग्रो’ जैव विविधता को मजबूत करने और हेल्थियर इकोसिस्टम्स को समर्थन देने में योगदान दे रही है। साथ ही, यह पहल UNSDG 11 (सतत शहर एवं समुदाय) और 13 (जलवायु कार्रवाई) के प्रति फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है।
इस पहल पर बात करते हुए गिरनार फाउंडेशन की प्रमुख, पीहू जैन ने कहा, “गिरनार फाउंडेशन में हमारा मानना है कि मीनिंगफुल एनवायरनमेंटल परिवर्तन की शुरुआत सामूहिक प्रयासों से होती है। पिछले तीन वर्षों में ‘सो टू ग्रो’ हमारी एक प्रिय वार्षिक परंपरा बन गई है, जो हमारे कर्मचारियों को स्कूलों, एनजीओ, समुदायों और सरकारी सहयोगियों के साथ जोड़ती है, ताकि हरित आवरण बढ़ाने और इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन में योगदान दिया जा सके। एक पर्यावरणीय पहल के रूप में शुरू हुई यह गतिविधि आज एक साझा आंदोलन का रूप ले चुकी है, जो समुदाय की अधिक भागीदारी को प्रेरित करती है। इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए, हम निरंतर सहयोग और साझा जिम्मेदारी के माध्यम से स्थायी एनवायरनमेंटल प्रभाव उत्पन्न करने के लिए प्रतिबद्ध हैं



