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गाजीपुर : गाजीपुर में 1 जुलाई से जीएनएसएस रोवर तकनीक से होगी भूमि की पैमाइश

गाजीपुर में 1 जुलाई से जीएनएसएस रोवर तकनीक से होगी भूमि की पैमाइश

डीएम अनुपम शुक्ला बोले— सैटेलाइट आधारित आधुनिक तकनीक से सीमांकन होगा अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी

गाजीपुर। जनपद में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए 1 जुलाई 2026 से जीएनएसएस (ग्लोबल नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम) रोवर तकनीक के माध्यम से भूमि की पैमाइश शुरू की जाएगी। इस संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में प्रेसवार्ता आयोजित की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक भूमि की पैमाइश पारंपरिक जरीब और फीते के माध्यम से की जाती थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने आधुनिक सैटेलाइट आधारित जीएनएसएस रोवर तकनीक को लागू करने का निर्णय लिया है। यह तकनीक भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के ग्लोबल नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम पर आधारित है, जिससे भूमि का सीमांकन अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि जनपद की सभी तहसीलों को एक-एक जीएनएसएस रोवर उपलब्ध करा दिया गया है तथा राजस्व अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। 1 जुलाई से प्रत्येक तहसील में एक खेत की पैमाइश रोवर तकनीक से की जाएगी और उसके परिणामों की तुलना पारंपरिक पैमाइश से कर दोनों विधियों का आकलन किया जाएगा।डीएम ने कहा कि पारंपरिक उपकरणों—जरीब, फीता, मापक छड़, झंडी और अन्य साधनों—से सीमांकन में समय अधिक लगता है और कई बार मापन की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। जीएनएसएस रोवर तकनीक अपनाने से भूमि मापन अधिक सटीक होगा और भूमि विवादों के निस्तारण में तेजी आएगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-24 तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम-22 के प्रावधानों का पालन करते हुए अब जीएनएसएस रोवर के माध्यम से भूमि सीमांकन का कार्य किया जाएगा। इससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

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