आंदोलन का असर, प्रदूषण विभाग ने राप्ती नदी से लिए पानी के नमूने

आंदोलन का असर, प्रदूषण विभाग ने राप्ती नदी से लिए पानी के नमूने

चौरी चौरा आज ओबीसी पार्टी (वन भारत सिटीजन पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी के नेतृत्व में विगत एक माह से चलाए जा रहे ‘मां राप्ती नदी बचाओ आंदोलन’ को आज उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब उनके द्वारा प्रदूषण विभाग को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के दबाव में विभाग की टीम ने सिंघोड़वा घाट राप्ती तट पर पहुँचकर पानी का नमूना जांच के लिए लिया।
इस अवसर पर काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि मां राप्ती नदी का पानी देखने से ही बिल्कुल काला नजर आ रहा है और उससे तीव्र बदबू आ रही है, जो जल के अत्यधिक प्रदूषित होने का प्रमाण है।
काली शंकर ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ जल्द से जल्द कराकर इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदुवंशी ने चेतावनी देते हुए बताया कि उनका यह आंदोलन तब तक मजबूती से जारी रहेगा जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो जाती और मां राप्ती का जल पुन: स्वच्छ नहीं हो जाता।
काली शंकर यदुवंशी ने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज प्रदूषण के कारण मछुआरा समाज के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और तटीय गांवों में भयंकर संक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई है। इतना ही नहीं, नदी का जहरीला पानी पीकर मवेशी गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं और उनकी मृत्यु हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जिम्मेदार अधिकारियों और विभाग का मौन धारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता के हक की लड़ाई जारी रहेगी।



